US Iran Blockade: अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी की, 24 घंटे में कोई जहाज नहीं घुस सका, 10 हजार सैनिक तैनात
अमेरिका ने ईरान के समुद्री रास्तों और बंदरगाहों की पूरी तरह घेराबंदी कर दी है। US CENTCOM ने जानकारी दी है कि पहले 24 घंटों में कोई भी जहाज इस नाकाबंदी को पार नहीं कर सका। इस बड़े ऑपरेशन को चलाने के लिए अमेरिका ने अपनी भारी सैन्य ताकत तैनात की है और सख्त निगरानी रखी जा रही है।
नाकाबंदी की शुरुआत और मुख्य नियम क्या हैं?
यह नाकाबंदी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद 13 अप्रैल 2026 को सुबह 10 बजे से लागू हुई। यह नियम दुनिया के सभी देशों के उन जहाजों पर लागू है जो ईरान के बंदरगाहों या तटीय इलाकों में जा रहे हैं या वहां से बाहर निकल रहे हैं। अमेरिकी सरकार ने यह भी साफ किया है कि जो जहाज सिर्फ होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरकर दूसरे देशों के बंदरगाहों पर जा रहे हैं, उन्हें नहीं रोका जाएगा। यह कदम इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई शांति वार्ता के विफल होने के बाद उठाया गया।
सैन्य तैयारी और अब तक की कार्रवाई
इस ऑपरेशन में अमेरिकी नौसेना के कई युद्धपोत और हवाई जहाज शामिल हैं। अब तक छह मालवाहक जहाजों को अमेरिकी बलों ने बीच रास्ते में ही रोक लिया, जिन्होंने आदेश मानकर वापस लौटने का फैसला किया। इस बीच चीन ने अमेरिका के इस कदम को खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना बताया है, वहीं ईरान के नौसेना कमांडर ने इस योजना को बेकार बताया है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल तैनात सैनिक | 10,000 से ज्यादा |
| युद्धपोत | एक दर्जन से ज्यादा (USS Tripoli सहित) |
| विमान | 100 से ज्यादा फाइटर और निगरानी विमान |
| रोके गए जहाज | 6 मालवाहक जहाज |
| लागू तारीख | 13 अप्रैल 2026 |
| मुख्य कारण | शांति वार्ता की विफलता |
| प्रभावित क्षेत्र | ईरान के बंदरगाह और तटीय इलाके |




