एशियन-अफ्रीकन पार्लियामेंट्री काउंसिल (AAPC) ने ईरान द्वारा किए जा रहे हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है. काउंसिल का कहना है कि ये हमले खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों और जॉर्डन की सुरक्षा और स्थिरता को बिगाड़ने की एक बड़ी कोशिश हैं. 3 अप्रैल 2026 को जारी एक आधिकारिक बयान में काउंसिल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में तुरंत दखल देने की मांग की है ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे.

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ईरान की इन हरकतों से क्यों बढ़ रहा है खाड़ी में तनाव?

काउंसिल के पहले उपाध्यक्ष Saud Al-Hujailan ने बताया कि समुद्री रास्तों, विशेष रूप से Strait of Hormuz में बार-बार की जा रही उकसावे वाली कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है. उनके अनुसार इन हरकतों के कारण समुद्री सुरक्षा और दुनिया भर में होने वाली ऊर्जा की सप्लाई पर सीधा खतरा पैदा हो गया है. प्रवासियों के लिए भी यह खबर चिंताजनक है क्योंकि खाड़ी देशों की सुरक्षा उनकी नौकरियों और व्यापार पर सीधा असर डालती है.

काउंसिल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से क्या मांग की है?

काउंसिल ने मांग की है कि इन उल्लंघनों को रोकने और सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने के लिए दुनिया को एकजुट होना होगा. मुख्य बिंदुओं में निम्नलिखित बातें शामिल हैं:

  • ईरान की इन हरकतों को किसी देश की संप्रभुता का सीधा उल्लंघन माना गया है.
  • इन हमलों को एक खतरनाक संकेत बताया गया है जो क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकता है.
  • भविष्य में ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए एक मजबूत अंतरराष्ट्रीय रुख अपनाने की अपील की गई है.
  • खाड़ी देशों और जॉर्डन की स्थिरता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही गई है.

क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर मुख्य अधिकारियों के बयान

अधिकारी का नाम पद मुख्य टिप्पणी
Saud Al-Hujailan First Vice President (AAPC) हमलों को अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का उल्लंघन बताया
AAPC काउंसिल संसदीय परिषद ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की