केरल के अब्दुल रहीम आखिरकार करीब 20 साल सऊदी अरब की जेल में बिताने के बाद अपने वतन लौट आए हैं। उनके घर वापसी की यह खबर ईद-उल-अज़हा के खास मौके पर आई है, जिससे उनके परिवार की खुशियां दोगुनी हो गई हैं। अब्दुल रहीम की रिहाई के पीछे दुनिया भर के लोगों और खासकर प्रवासी मलयाली समुदाय का बहुत बड़ा योगदान रहा है, जिन्होंने मिलकर करीब 34 करोड़ रुपये (15 मिलियन सऊदी रियाल) की भारी-भरकम राशि जुटाई थी। रियाद में मौजूद भारतीय दूतावास ने इस मामले में लगातार सऊदी अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए रखा और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की।

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अब्दुल रहीम को क्यों हुई थी जेल और क्या था पूरा मामला?

अब्दुल रहीम को 24 दिसंबर 2006 को सऊदी अरब में एक स्थानीय किशोर की आकस्मिक मौत के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद साल 2011 में सऊदी की एक अदालत ने उन्हें मौत की सजा सुनाई थी, जिसे बाद में उच्च न्यायालयों ने भी बरकरार रखा था। उनका परिवार सालों तक इस मामले को लेकर परेशान रहा और कानूनी लड़ाई लड़ता रहा। आखिरकार पीड़ित परिवार साल 2024 में ब्लड मनी स्वीकार करके अब्दुल रहीम को माफ करने पर सहमत हुआ।

34 करोड़ रुपये की ‘ब्लड मनी’ और कैसे मिली रिहाई?

सऊदी अरब के कानून में पीड़ित परिवार को वित्तीय मुआवजा यानी ‘दिय्याह’ (ब्लड मनी) देकर समझौता करने का नियम है। इसके तहत पीड़ित परिवार ने अब्दुल रहीम को माफ करने के लिए 15 मिलियन सऊदी रियाल की मांग की थी। इस रकम को जुटाने के लिए पूरी दुनिया में एक बड़ा क्राउडफंडिंग अभियान चलाया गया। दुनिया भर के भारतीयों और प्रवासी मलयाली समुदाय ने मिलकर 34 करोड़ रुपये की यह बड़ी रकम जुटाई। ब्लड मनी के भुगतान की अंतिम तिथि 18 अप्रैल 2024 तय की गई थी, जिसके बाद 2 जुलाई 2024 को सऊदी अदालत ने मौत की सजा रद्द कर दी।

सऊदी कानून के तहत किस प्रक्रिया से छूटे अब्दुल रहीम?

मौत की सजा रद्द होने के बाद भी सऊदी अरब के सार्वजनिक अधिकार अधिनियम के तहत उन्हें 20 साल की जेल की सजा पूरी करनी थी। यह सजा अरबी कैलेंडर के अनुसार 20 मई 2026 को समाप्त हुई। रियाद में भारतीय दूतावास ने एक बयान जारी कर बताया कि सऊदी जेल अधिकारियों ने अब्दुल रहीम को खुद हवाई अड्डे तक पहुंचाया और उनकी यात्रा से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी कीं। वह 28 मई 2026 को एयर इंडिया की फ्लाइट से कोझिकोड के कालीकट अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे, जहां व्यवसायी बॉबी चेम्मनूर और उनके करीबियों ने उनका स्वागत किया।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अब्दुल रहीम को सऊदी अरब की जेल से कब रिहा किया गया?

अब्दुल रहीम को उनकी 20 साल की सजा पूरी होने के बाद 20 मई 2026 को रिहा किया गया और वह 28 मई 2026 को भारत पहुंचे।

अब्दुल रहीम की रिहाई के लिए कितनी राशि जुटाई गई थी?

उनकी रिहाई के लिए दुनिया भर के भारतीयों ने मिलकर करीब 34 करोड़ रुपये (15 मिलियन सऊदी रियाल) की ब्लड मनी जुटाई थी।

अब्दुल रहीम को किस मामले में सजा हुई थी?

उन्हें साल 2006 में एक सऊदी किशोर की आकस्मिक मौत के मामले में गिरफ्तार किया गया था और 2011 में मौत की सजा सुनाई गई थी।