आबू धाबी न्यायिक विभाग (ADJD) ने सिविल और कमर्शियल विवादों को आसानी और तेजी से निपटाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने प्राइवेट मीडिएशन (निजी मध्यस्थता) सिस्टम को मजबूत करने और अदालती मामलों में विशेषज्ञों की मदद को और बेहतर बनाने के लिए विशेष बैठक की है। इस नए कदम से लोगों को कोर्ट-कचहरी के लंबे चक्करों से बड़ी राहत मिलेगी और आपसी सहमति से मामले जल्दी सुलझ सकेंगे।

क्या है आबू धाबी न्यायिक विभाग का नया फैसला?

आबू धाबी न्यायिक विभाग की एक्सपर्ट्स, कंसिलिएटर्स और मीडिएटर्स अफेयर्स कमेटी ने 2 जून 2026 को एक अहम बैठक की है। इस बैठक की अध्यक्षता ADJD के अंडरसेक्रेटरी काउंसलर यूसुफ सईद अल अब्री (Counsellor Yousef Saeed Al Abri) ने की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य अदालतों के सामने तकनीकी रिपोर्टों की गुणवत्ता को बढ़ाना और आपसी समझौते के माध्यम से विवादों को हल करने के रास्तों को मजबूत करना है।

कितने नए एक्सपर्ट्स और मीडिएटर्स को मिली मंजूरी?

कमेटी ने बैठक के दौरान नियमों को और मजबूत करने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं:

  • तीन एक्सपर्ट्स के रजिस्ट्रेशन को रिन्यू करने की मंजूरी दी गई है।
  • ट्रेनिंग प्रोग्राम पूरा करने के बाद 26 नए मीडिएटर्स को प्राइवेट मीडिएटर्स रजिस्टर में शामिल किया गया है।
  • कमेटी ने इसके अलावा 14 नए आवेदनों की समीक्षा की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे सभी कानूनी और नियामक आवश्यकताओं को पूरा करते हैं या नहीं।

आम लोगों और व्यापारियों को कैसे होगा फायदा?

इस सिस्टम के मजबूत होने से अगर किसी व्यक्ति या व्यापारी का कोई सिविल या कमर्शियल विवाद होता है, तो उसे सीधे कोर्ट जाने की आवश्यकता नहीं होगी। लोग प्राइवेट मीडिएटर्स की मदद से आपस में बैठकर ही मामले को सुलझा सकते हैं। यूएई में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और व्यापारियों के लिए यह बहुत फायदेमंद साबित होगा, क्योंकि इससे उनका कोर्ट का खर्च और समय दोनों बचेंगे। यह पूरा सुधार फेडरल डिक्री-लॉ नंबर 40 (2023) और आबू धाबी मीडिएशन रूल्स 2026 के तहत किया जा रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

आबू धाबी न्यायिक विभाग ने प्राइवेट मीडिएशन रजिस्टर में कितने नए लोगों को शामिल किया है?

विभाग ने आवश्यक ट्रेनिंग पूरी करने के बाद 26 नए मीडिएटर्स को रजिस्टर में शामिल किया है और 3 एक्सपर्ट्स का रजिस्ट्रेशन रिन्यू किया है।

इस नए सिस्टम से आम लोगों को क्या लाभ मिलेगा?

इससे सिविल और कमर्शियल विवादों को बिना कोर्ट गए आपसी बातचीत और समझौते से जल्दी सुलझाया जा सकेगा, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.