अबू धाबी सरकार ने बिना ड्राइवर और रिमोट से चलने वाली समुद्री नावों के परीक्षण के लिए एक नया नियम लागू किया है। इस फ्रेमवर्क का मकसद समुद्र में नई तकनीक का इस्तेमाल सुरक्षित तरीके से करना और स्मार्ट ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देना है। अब ऐसी नावों का टेस्ट करने के लिए कंपनियों को सख्त गाइडलाइन्स का पालन करना होगा।

📰: Kuwait News: 45 गाड़ियों के दान की खबर निकली झूठी, आंतरिक मंत्रालय ने सोशल मीडिया के दावों को किया खारिज

नियम और मंजूरी की प्रक्रिया

यह नया फ्रेमवर्क 27 जून 2026 को लागू किया गया, जिसे एडमिनिस्ट्रेटिव डिसीजन नंबर (17) ऑफ 2026 के तहत लाया गया है। इस नियम को Department of Municipalities and Transport ने Smart and Autonomous Systems Council (SASC) की देखरेख में और Integrated Transport Centre (Abu Dhabi Mobility) के साथ मिलकर तैयार किया है।

नए नियमों के तहत अब सभी टेस्टिंग गतिविधियों के लिए परमिट लेना अनिवार्य कर दिया गया है। ऑपरेटर और डेवलपर्स को ट्रायल शुरू करने से पहले सुरक्षा और संचालन से जुड़ी शर्तों को पूरा करना होगा।

सुरक्षा और अन्य जरूरी शर्तें

  • ट्रैफिक मैनेजमेंट: यह सुनिश्चित किया जाएगा कि टेस्टिंग के दौरान समुद्री ट्रैफिक में कोई रुकावट न आए।
  • बीमा और साइबर सुरक्षा: टेस्ट करने वाली कंपनियों को पर्याप्त इंश्योरेंस कवर देना होगा और सिस्टम को साइबर हमलों से बचाने के लिए कड़े इंतजाम करने होंगे।
  • पर्यावरण की सुरक्षा: इन नियमों का मुख्य उद्देश्य लोगों की जान बचाना, संपत्ति की रक्षा करना और समुद्री पर्यावरण को सुरक्षित रखना है।

अबू धाबी की तैयारी और ग्लोबल अपडेट

अबू धाबी पहले से ही 7 मीटर लंबी AI संचालित पेट्रोल नावों का ट्रायल कर रहा है। इन नावों में एडवांस सेंसर और रिमोट कमांड सिस्टम लगे हैं, जिनका उपयोग तटीय निगरानी और पर्यावरण की जांच के लिए किया जा रहा है। यह कदम 2026 तक शहर को ग्लोबल इनोवेशन हब बनाने की रणनीति का हिस्सा है।

Integrated Transport Centre के एक्टिंग डायरेक्टर जनरल Dr. Abdulla Hamad Al Ghfeli ने बताया कि यह फ्रेमवर्क भविष्य की ट्रांसपोर्ट तकनीक को सपोर्ट करेगा और अबू धाबी को स्मार्ट मोबिलिटी में लीडर बनाएगा।

इसी बीच, इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) ने भी मई 2026 में एक नया ‘MASS Code’ अपनाया है, जो 1 जुलाई 2026 से लागू होगा। यह अंतरराष्ट्रीय कोड बिना चालक वाली नावों के संचालन के लिए एक ग्लोबल रास्ता तैयार करेगा, जो अबू धाबी की स्थानीय कोशिशों के साथ मेल खाता है।