Abu Dhabi New Law: यूएई में बच्चों को गाड़ी में अकेला छोड़ा तो होगी जेल और 50 हज़ार दिरहम जुर्माना, प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी।

Nura Basta11 August 20262 min read86 viewsUAE
Abu Dhabi New Law: यूएई में बच्चों को गाड़ी में अकेला छोड़ा तो होगी जेल और 50 हज़ार दिरहम जुर्माना, प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी।

अबू धाबी में गर्मियों के मौसम को देखते हुए प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। Abu Dhabi Civil Defence Authority ने Abu Dhabi Police के साथ मिलकर सभी माता-पिता और बच्चों की देखरेख करने वालों के लिए सख्त चेतावनी जारी की है। इस कड़े निर्देश के तहत बच्चों को गाड़ियों में या स्विमिंग पूल के पास बिल्कुल भी अकेला न छोड़ने की हिदायत दी गई है। गर्मियों में तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है जिससे बड़ी अनहोनी होने का खतरा बना रहता है और प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।

सेफ समर अभियान के तहत कड़ी चेतावनी

अधिकारियों ने बताया कि यह सख्त हिदायत उनके खास अभियान Safe Summer का एक अहम हिस्सा है। यह अभियान 11 जून 2026 को शुरू हुआ था और यह 30 अगस्त 2026 तक लगातार चलेगा। इसका मुख्य मकसद समाज में सुरक्षा बढ़ाना और दुर्घटनाओं के मामलों को पूरी तरह से रोकना है। August 8 और 10, 2026 के बीच इस संबंध में ताजा और बेहद जरूरी चेतावनियां भी जारी की गईं ताकि लोग समय रहते सावधान हो जाएं। अधिकारियों का साफ कहना है कि स्विमिंग पूल के पास बच्चों की लगातार निगरानी करना सबसे जरूरी बचाव है ताकि डूबने जैसी घटनाओं को रोका जा सके।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

गाड़ी में बच्चों को छोड़ना है एक गंभीर अपराध

प्रशासन ने इस बात पर बहुत जोर दिया है कि किसी भी हाल में बच्चे को पार्क की गई गाड़ी के अंदर अकेला न छोड़ें, चाहे आप कुछ ही मिनटों के लिए बाहर क्यों न जा रहे हों। बंद गाड़ी के अंदर तापमान बहुत तेजी से और खतरनाक तरीके से बढ़ता है जो बच्चे की जान के लिए एक बड़ा खतरा बन जाता है। अगर कोई माता-पिता या अभिभावक जानबूझकर या भूलवश भी बच्चे को गाड़ी में अकेला छोड़ते हैं, तो इसे Wadeema Law यानी बाल अधिकार कानून के तहत एक गंभीर और आपराधिक अपराध माना जाएगा। ऐसा करने पर दोषी व्यक्ति को जेल की सजा के साथ-साथ कम से कम 50,000 दिरहम का भारी जुर्माना भी भरना पड़ सकता है।

अभिभावकों और समुदाय की साझा जिम्मेदारी

इस पूरे अभियान का दायरा सिर्फ गाड़ियों और पूल्सन सुरक्षा तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसमें कई अन्य जरूरी उपाय भी शामिल हैं। अधिकारियों ने माता-पिता से अपील की है कि वे बच्चों को सुरक्षित तरीके से रहना सिखाएं, आपातकालीन स्थिति से निपटने के गुर बताएं और घर तथा मनोरंजन स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रखें। प्रशासन का मानना है कि बच्चों की सुरक्षा किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि यह परिवार और पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है जिसमें हर नागरिक को अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए ताकि गर्मियों के इन दिनों में किसी भी परिवार को दुखद स्थिति का सामना न करना पड़े।

Share:

Comments

Leave a comment