अबू धाबी अब दुनिया भर के प्रवासियों के लिए एक पसंदीदा जगह बनता जा रहा है. यहाँ रहने वाले विदेशी नागरिकों के लिए अपनी शादी और संपत्ति की वसीयत कराना अब काफी आसान हो गया है. अबू धाबी ज्यूडिशियल डिपार्टमेंट (ADJD) ने साल 2026 की पहली तिमाही में हज़ारों लोगों के इन कानूनी कामों को पूरा किया है, जिससे विदेशियों को अपने अधिकारों की सुरक्षा में मदद मिली है.

कितने लोगों ने कराई शादी और बनाई वसीयत?

अबू धाबी के सिविल फैमिली कोर्ट से मिले आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से 25 मार्च 2026 के बीच कुल 8,886 ट्रांजेक्शन दर्ज किए गए. इसमें शादी और वसीयत से जुड़े कामों का विवरण नीचे दी गई टेबल में है:

सेवा का प्रकार कुल संख्या
सिविल मैरिज कॉन्ट्रैक्ट (विदेशियों के लिए) 4,320
सिविल वसीयत (Civil Wills) 4,566
कुल ट्रांजेक्शन 8,886

प्रवासियों के लिए यह नियम क्यों है ज़रूरी?

यह पूरी प्रक्रिया अबू धाबी के कानून नंबर 14 (2021) के तहत काम करती है. इस कानून का मकसद विदेशियों को एक ऐसा कानूनी माहौल देना है जहाँ उनके परिवार और पैसों से जुड़े अधिकार अंतरराष्ट्रीय नियमों के हिसाब से सुरक्षित रहें. इससे उन भारतीय प्रवासियों को बहुत फायदा होता है जो अपनी संपत्ति और परिवार के कानूनी कागज़ात को बिना किसी परेशानी के पक्का करना चाहते हैं.

अबू धाबी ज्यूडिशियल डिपार्टमेंट का क्या कहना है?

ADJD ने बताया कि इन आंकड़ों से पता चलता है कि अबू धाबी अब विदेशियों के लिए एक ग्लोबल डेस्टिनेशन बन चुका है. यहाँ का सिविल कानून प्रवासियों के वित्तीय और पारिवारिक अधिकारों की सुरक्षा करता है. इस व्यवस्था की वजह से अब विदेशी नागरिक अपनी फैमिली और एसेट्स (संपत्ति) को कानूनी तौर पर सुरक्षित रखने के लिए यहाँ की सेवाओं का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.