संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राजधानी अबू धाबी ने बिजली उत्पादन को लेकर एक बहुत बड़ा लक्ष्य तय किया है। सरकार ने फैसला किया है कि साल 2035 तक अबू धाबी अपनी कुल बिजली का 60 प्रतिशत हिस्सा साफ और नवीकरणीय (क्लीन एंड रिन्यूएबल) स्रोतों से तैयार करेगा। अबू धाबी ऊर्जा विभाग (DoE) के अध्यक्ष डॉ. अब्दुल्ला हुमैद सैफ अल जरवान ने इसकी पुष्टि की है। इससे पर्यावरण को सुरक्षित रखने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने में बड़ी मदद मिलेगी।

अबू धाबी का नया प्लान क्या है और इससे क्या बदलाव आएगा?

अबू धाबी ऊर्जा विभाग (DoE) के अनुसार, इस नए नियम का मकसद बिजली क्षेत्र से होने वाले कार्बन उत्सर्जन में 75 प्रतिशत तक की कमी लाना है। यह कानून के तहत तय किया गया एक मजबूत लक्ष्य है। डॉ. अब्दुल्ला हुमैद सैफ अल जरवान ने विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर कहा कि पर्यावरण को बचाना और संसाधनों का सही इस्तेमाल करना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। इस योजना से आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी और बिजली की सुरक्षा पक्की होगी।

बिजली उत्पादन के लिए सौर ऊर्जा का कितना इस्तेमाल होगा?

इस बड़े लक्ष्य को पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा यानी सोलर पावर पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। एमिरेट्स वाटर एंड इलेक्ट्रिसिटी कंपनी (EWEC) ने जानकारी दी है कि साल 2035 तक अबू धाबी की सौर ऊर्जा क्षमता को 30 गीगावाट (GW) से ज्यादा किया जाएगा।

  • कुल बिजली मांग का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा अकेले सोलर पावर से पूरा होगा।
  • बाकी हिस्सा अन्य साफ ऊर्जा स्रोतों से आएगा ताकि कुल मिलाकर 60 प्रतिशत का लक्ष्य हासिल किया जा सके।
  • इसके लिए मसदर (Masdar) कंपनी के साथ मिलकर बड़े सोलर प्रोजेक्ट और बैटरी स्टोरेज सिस्टम पर काम शुरू हो चुका है।

नया वॉटर एंड एनर्जी रेजिलिएंस फ्रेमवर्क क्या है?

अबू धाबी डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी ने 5 जून 2026 को “अबू धाबी वॉटर एंड एनर्जी रेजिलिएंस फ्रेमवर्क” भी लॉन्च किया है। इसका मुख्य उद्देश्य पानी और बिजली की सप्लाई को बिना किसी रुकावट के चालू रखना है। इसमें तीन खास स्तंभों पर काम किया जा रहा है:

  • पहला बुनियादी ढांचा यानी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना।
  • दूसरा मानव संसाधन और गवर्नेंस में सुधार करना।
  • तीसरा नई तकनीक और इनोवेशन का इस्तेमाल करना।

इस फ्रेमवर्क के तहत कुल 15 रणनीतिक कदम उठाए गए हैं, जिससे इमरजेंसी के समय भी लोगों को बिना परेशानी के पानी और बिजली मिलती रहेगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अबू धाबी ने 60% साफ बिजली बनाने का लक्ष्य कब तक के लिए रखा है?

अबू धाबी ने साल 2035 तक अपनी कुल बिजली का 60 प्रतिशत हिस्सा क्लीन और रिन्यूएबल ऊर्जा स्रोतों से बनाने का कानूनी लक्ष्य तय किया है।

इस योजना से कार्बन उत्सर्जन में कितनी कमी आएगी?

इस नए फैसले से अबू धाबी के बिजली विभाग से होने वाले प्रति मेगावाट कार्बन उत्सर्जन में 75 प्रतिशत तक की कमी आएगी।