आबू धाबी लेबर कोर्ट ने एक अहम फैसले में कंपनी को आदेश दिया है कि वह अपने 31 साल पुराने कर्मचारी को 93,600 दिरहम (करीब 23 लाख भारतीय रुपये) का भुगतान करे। यह फैसला उन सभी कामगारों के लिए एक उदाहरण है जो जानना चाहते हैं कि UAE में लंबी सर्विस के बाद रिटायरमेंट या नौकरी छोड़ने पर कितना पैसा मिलता है।

कोर्ट ने सुनाया यह फैसला

एक वर्कर ने अपनी कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी क्योंकि उसे एंड-ऑफ-सर्विस बेनिफिट्स नहीं मिले थे। रिकॉर्ड के मुताबिक, इस वर्कर ने 1994 से कंपनी में काम किया था, यानी उसकी कुल सर्विस 31 साल और 6 महीने की थी। कोर्ट ने 24 जनवरी 2026 को फैसला सुनाते हुए कंपनी को तुरंत पैसा देने का आदेश दिया और साथ ही लीगल खर्च भी भरने को कहा।

कितनी बनती थी रकम और कितनी मिली?

वर्कर की बेसिक सैलरी 3,900 दिरहम थी और टोटल सैलरी 7,800 दिरहम थी। अगर बिना किसी कैपिंग (Capping) के हिसाब लगाया जाता, तो उसकी ग्रेच्युटी 1,16,350 दिरहम बन रही थी। लेकिन कोर्ट ने फैसला सुनाया कि कानूनन उसे 93,600 दिरहम ही मिलेंगे। इसका कारण UAE का वह नियम है जो ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा तय करता है।

UAE में ग्रेच्युटी कैलकुलेशन का नियम

UAE लेबर लॉ (Federal Decree-Law No. 33 of 2021) के अनुसार, विदेशी फुल-टाइम वर्कर्स के लिए ग्रेच्युटी का हिसाब ऐसे होता है:

  • पहले 5 साल के लिए: हर साल 21 दिन की बेसिक सैलरी।
  • 5 साल के बाद: हर साल 30 दिन की बेसिक सैलरी।
  • अहम नियम: कुल ग्रेच्युटी की रकम किसी भी हाल में 2 साल की बेसिक सैलरी से ज्यादा नहीं हो सकती।

इसी नियम के तहत वर्कर की 3,900 दिरहम बेसिक सैलरी को 24 महीने (2 साल) से गुणा करके 93,600 दिरहम फाइनल किया गया।

भारतीय रुपयों में कितनी है यह रकम?

आज के करेंसी रेट (1 AED = 24.94 INR) के हिसाब से यह रकम भारतीय रुपयों में लगभग 23,34,508 रुपये बनती है। यह कानून फरवरी 2022 से प्रभावी है और सभी कंपनियों को टर्मिनेशन के 14 दिनों के भीतर इसका भुगतान करना होता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.