अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान 12 अप्रैल 2026 को चीन के आधिकारिक दौरे पर जाएंगे। इस यात्रा का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच रिश्तों को और मजबूत करना और व्यापार को बढ़ाना है। उनके साथ UAE के कई बड़े मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और बिजनेस लीडर्स का एक हाई-लेवल डेलीगेशन भी चीन जाएगा।

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चीन दौरे का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इस यात्रा का बड़ा लक्ष्य UAE और चीन के बीच आपसी सहयोग को बढ़ाना और पुराने रिश्तों को और बेहतर बनाना है। दोनों देश आर्थिक, तकनीकी और निवेश के क्षेत्र में नए रास्ते तलाशेंगे। इससे न केवल दोनों देशों के संबंध गहरे होंगे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर UAE की स्थिति भी और मजबूत होगी। यह दौरा दोनों देशों के लोगों की भलाई और साझा हितों को पूरा करने के लिए किया जाएगा।

किन क्षेत्रों में बढ़ेगा सहयोग?

UAE और चीन कई अहम सेक्टर में मिलकर काम करेंगे। इनमें मुख्य तौर पर तेल, गैस और रिन्यूएबल एनर्जी शामिल हैं। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, पानी, टेक्नोलॉजी, रिसर्च और साइंस जैसे क्षेत्रों पर भी खास ध्यान दिया जाएगा। चीन ने पुराने पारंपरिक सेक्टर के साथ-साथ नए उभरते उद्योगों में भी गहरी साझेदारी की मांग की है।

सहयोग के मुख्य क्षेत्र
अर्थव्यवस्था और व्यापार
तेल और प्राकृतिक गैस
रिन्यूएबल एनर्जी
इंफ्रास्ट्रक्चर और पानी
टेक्नोलॉजी, रिसर्च और साइंस
निवेश (Investment)

पिछली मुलाकातें और इसका असर

यह दौरा पिछले कुछ समय से चल रही बातचीत का नतीजा है। साल 2024 में राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान ने चीन का दौरा किया था। इसके बाद दिसंबर 2025 में चीन के विदेश मंत्री ने UAE का दौरा किया था। इन हाई-लेवल मुलाकातों ने इस नई यात्रा के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है जिससे अब बड़े समझौतों की उम्मीद है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.