अबू धाबी के स्वास्थ्य विभाग (DoH) और मशहूर दवा कंपनी नोवार्टिस (Novartis Middle East FZE) ने मिलकर एक बड़ा कदम उठाया है। दोनों संस्थाओं ने जीनोमिक्स रिसर्च, सटीक दवाओं और एडवांस इलाज के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक नए समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता 26 जून 2026 को अमेरिका के सैन डिएगो में आयोजित बायो इंटरनेशनल कन्वेंशन 2026 के दौरान किया गया। इससे पहले दोनों के बीच 6 जून 2024 को भी एक समझौता हुआ था, जिसे अब और मजबूत बनाया गया है।

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इन मुख्य क्षेत्रों पर रहेगा दोनों का ध्यान

इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य यूएई के लोगों की जरूरतों के हिसाब से चिकित्सा अनुसंधान को बढ़ावा देना है। इसके तहत निम्नलिखित क्षेत्रों पर खास फोकस किया जाएगा:

  • कैंसर (Oncology), दिल की बीमारियों (Cardiovascular Disease) और दिमाग से जुड़ी बीमारियों (Neuroscience) के लिए नई थेरेपी की खोज करना।
  • जीनोमिक्स, बायोमेडिकल साइंस और डेटा साइंस के क्षेत्र में स्वास्थ्य कर्मियों के लिए ट्रेनिंग और शिक्षा का इंतजाम करना।
  • रिसर्च के नतीजों को जल्द से जल्द मरीजों के वास्तविक इलाज में इस्तेमाल करना, जिससे बीमारियों से बचाव और उनकी पहचान आसान हो सके।
  • कैंसर के मरीजों के लिए रेडियोलिगैंड थेरेपी (RLT) को समझने और इसके इस्तेमाल को बढ़ावा देना।
  • यूएई के एमिराती जीनोम प्रोग्राम के तहत लोगों में आनुवंशिक (Genetic) और दुर्लभ बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाना।

9 लाख से अधिक जीनोम सीक्वेंसिंग का मिलेगा फायदा

अबू धाबी सरकार ने अपने एमिराती जीनोम प्रोग्राम पर बड़ा निवेश किया है, जिसके तहत अब तक 9 लाख से अधिक जीनोम की सीक्वेंसिंग की जा चुकी है। नोवार्टिस के साथ इस साझेदारी से इस डेटा का सही उपयोग हो सकेगा और स्थानीय आबादी के हिसाब से ज्यादा असरदार दवाएं और इलाज तैयार किए जा सकेंगे।

अधिकारियों ने दी यह जानकारी

अबू धाबी स्वास्थ्य विभाग की कार्यकारी निदेशक डॉ. अस्मा इब्राहिम अल मन्नाई ने बताया कि अबू धाबी ने दुनिया का सबसे बड़ा जनसंख्या जीनोमिक्स प्रोग्राम तैयार किया है। उन्होंने कहा कि नोवार्टिस के साथ मिलकर काम करने से मरीजों को जल्द ही बेहतर इलाज मिल सकेगा।

नोवार्टिस जीसीसी क्लस्टर के प्रमुख मोहम्मद एज़ एल्डिन ने भी इस समझौते पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी यूएई में स्वास्थ्य क्षेत्र में नई तकनीकों और रिसर्च को बढ़ावा देगी, जिससे मरीजों को सीधा फायदा पहुंचेगा।