Abu Dhabi Drug Case: ड्रग्स बेचने वाले प्रवासी को मिली उम्रकैद की सजा, 1 लाख दिरहम जुर्माना और देश से होगा डिपोर्ट

अबू धाबी में ड्रग्स बेचने और उसका इस्तेमाल करने वाले एक प्रवासी को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपी को ‘क्रिस्टल मेथ’ नामक प्रतिबंधित ड्रग्स बेचते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था। सजा पूरी होने के बाद उसे यूएई से डिपोर्ट कर दिया जाएगा। यह मामला उन सभी प्रवासियों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो यूएई के सख्त कानूनों को हल्के में लेते हैं।

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कैसे पकड़ा गया आरोपी और क्या था मामला?

पुलिस को आरोपी पर पहले से शक था, इसलिए उसकी निगरानी की जा रही थी। मौका मिलते ही अधिकारियों ने उसे एक दूसरे व्यक्ति को पैसे के बदले Crystal Meth बेचते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। लैब टेस्ट में यह कन्फर्म हुआ कि जब्त पदार्थ प्रतिबंधित ड्रग्स था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी सिर्फ ड्रग्स बेच नहीं रहा था, बल्कि खुद भी इसका सेवन करता था।

कोर्ट ने क्या सजा सुनाई और क्या हैं नियम?

अदालत ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है और साथ ही 1 लाख दिरहम का जुर्माना लगाया है। ड्रग्स लेने की वजह से उसे 3 महीने की अतिरिक्त सजा भी दी गई है। यूएई के नए नियमों (Federal Decree-Law No. 73 of 2025) के मुताबिक, नशीले पदार्थों के मामलों में गैर-नागरिकों के लिए डिपोर्ट होना अब अनिवार्य है। इसका मतलब है कि सजा खत्म होने के बाद आरोपी को वापस उसके देश भेज दिया जाएगा।

यूएई में रहने वाले प्रवासियों के लिए क्या सबक है?

यूएई में ड्रग्स के खिलाफ कानून बहुत सख्त हैं। यहाँ न केवल ड्रग्स बेचना बल्कि इनका इस्तेमाल करना भी बहुत भारी पड़ सकता है। खासकर भारतीयों और अन्य प्रवासियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि ऐसी गतिविधियों में शामिल होने पर उम्रकैद और डिपोर्टेशन जैसी कड़ी कार्रवाई हो सकती है। प्रशासन अब निगरानी बढ़ा रहा है ताकि समाज को नशीले पदार्थों से मुक्त रखा जा सके।