अबू धाबी में खास जरूरतों वाले लोगों की जिंदगी आसान बनाने के लिए सरकार ने एक बड़ी पहल की है। शेख खालिद बिन जायद अल नाहयान ने ‘अबू धाबी एक्सीलेंस अवॉर्ड फॉर पीपल ऑफ डिटरमिनेशन इंक्लूजन’ यानी Damj अवॉर्ड के लिए साल 2026 की पहली बैठक की अध्यक्षता की। इस मीटिंग का मुख्य मकसद यह देखना था कि अलग-अलग संस्थाएं समाज के हर वर्ग को साथ लाने के लिए कितना काम कर रही हैं।
Damj अवॉर्ड की बैठक में क्या चर्चा हुई?
यह मीटिंग 6 मई 2026 को हुई जिसमें ज्यूरी कमेटी के काम और नतीजों की समीक्षा की गई। बैठक में उन नियमों और पैमानों पर बात हुई जिनका इस्तेमाल अवॉर्ड देने के लिए किया जाएगा। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि यह देखा जाए कि संस्थाओं के काम से लोगों के जीवन पर कितना सकारात्मक असर पड़ा है और वे समावेशी माहौल बनाने में कितने सफल रहे हैं।
मीटिंग में कौन-कौन से अधिकारी शामिल हुए?
इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता शेख खालिद बिन जायद अल नाहयान ने की, जो जायद अथॉरिटी फॉर पीपल ऑफ डिटरमिनेशन के चेयरमैन भी हैं। उनके साथ कई अन्य एक्सपर्ट्स और अधिकारी भी मौजूद थे, जिनमें मुख्य रूप से ये नाम शामिल थे:
- शामिस अली अल धाहेरी
- सना मोहम्मद सुहेल
- मोहम्मद ताज अल दीन अल कादी
- मोहम्मद अली अल शोराफा
- मंसूर इब्राहिम अल मंसूरी
- अहमद तमीम अल कुत्ताब
- डॉ. विक्टर सैंटियागो पिनेडा
- डॉ. लायला अल हयास
Frequently Asked Questions (FAQs)
Damj अवॉर्ड का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य उन संस्थाओं को पहचानना और सम्मानित करना है जो ‘पीपल ऑफ डिटरमिनेशन’ के समावेश और उनके अधिकारों के लिए बेहतरीन काम कर रही हैं।
6 मई 2026 की बैठक में किन बातों पर ध्यान दिया गया?
बैठक में ज्यूरी कमेटी के काम और उन मापदंडों की समीक्षा की गई जिनके आधार पर संस्थाओं के प्रभाव को मापा जाएगा और अवॉर्ड दिए जाएंगे।