Abu Dhabi Exchange: अबू धाबी शेयर बाजार में भारी उछाल, मार्केट कैप पहुंचा 2.83 लाख करोड़ रुपये के पार

अबू धाबी सिक्योरिटीज एक्सचेंज यानी ADX का मार्केट कैपिटलाइजेशन जून 2026 के आखिर तक बढ़कर 2.8 ट्रिलियन दिरहम पर पहुंच गया था और 10 अगस्त 2026 तक यह और बढ़कर 2.837 ट्रिलियन दिरहम हो गया। इस शानदार बढ़ोतरी के पीछे विदेशी निवेशकों की मजबूत हिस्सेदारी और बाजार का विस्तार मुख्य वजह रहे हैं, जिससे यूएई की अर्थव्यवस्था को एक नई मजबूती मिल रही है। साल 2026 की पहली छमाही में इस एक्सचेंज में 30,000 से ज्यादा नए निवेशकों ने रजिस्ट्रेशन कराया, जो पिछले साल की तुलना में 7.1 प्रतिशत ज्यादा है। खास बात यह है कि इन नए जुड़ने वाले लोगों में से 77 प्रतिशत विदेशी निवेशक थे।
विदेशी निवेशकों की बड़ी हिस्सेदारी
अंतरराष्ट्रीय निवेशकों ने इस दौरान बहुत अहम भूमिका निभाई और साल 2026 की पहली छमाही में कुल ट्रेडिंग वैल्यू का 48 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं निवेशकों का रहा। इसी समय के दौरान एक्सचेंज में शुद्ध रूप से संस्थागत निवेश यानी नेट पॉजिटिव इंस्टीट्यूशनल इनफ्लो 1.4 बिलियन दिरहम दर्ज किया गया, जिसमें पिछले साल की तुलना में 13.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। ADX बाजार के जरिए कुल मिलाकर 49.9 बिलियन दिरहम का डिविडेंड यानी लाभांश निवेशकों के बीच बांटा गया। इसके अलावा, इस दौरान कुल ट्रेडिंग वैल्यू 171 बिलियन दिरहम रही और ट्रेडिंग वॉल्यूम पिछले साल के मुकाबले 3.7 प्रतिशत बढ़कर 50.3 बिलियन शेयर तक पहुंच गया।
नीतिगत बदलाव और कड़े नियम
विदेशी पूंजी के आने का यह सिलसिला मुख्य रूप से साल 2020 में हुए उस नीतिगत बदलाव के बाद शुरू हुआ, जिसमें विदेशी निवेशकों को स्थानीय कंपनियों में 100 प्रतिशत तक हिस्सेदारी खरीदने की अनुमति दी गई थी। इस कदम से बाजार तक पहुंच बहुत आसान हो गई है। ADX लगातार एक ऐसा मजबूत, तरल और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़ा हुआ बाजार बनाने पर ध्यान दे रहा है जो अबू धाबी को दुनिया का एक बड़ा आर्थिक केंद्र बना सके। यूएई के सिक्योरिटीज एक्सचेंजों के लिए फेडरल रेगुलेटर के तौर पर Emirates Securities and Commodities Authority (ESCA) काम करती है, जो वहां के वित्तीय माहौल को सुरक्षित और व्यवस्थित रखती है। इसके अलावा एक्सचेंज में लिस्टिंग के बहुत कड़े नियम हैं, जिसमें ESG रिपोर्टिंग और कंपनियों के बोर्ड में कम से कम एक महिला का होना अनिवार्य शामिल है, जो टिकाऊ और सबको साथ लेकर चलने वाली व्यवस्था को बढ़ावा देता है।