अबू धाबी की स्वेहान स्ट्रीट पर एक दर्दनाक हादसा हुआ जहां मिसाइल का मलबा गिरने से एक भारतीय नागरिक की जान चली गई. इस घटना के बाद परिवार में मातम छाया हुआ है और मां अपने बेटे के अंतिम दर्शन के लिए तरस रही है. भारतीय दूतावास इस पूरे मामले में स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि जरूरी सहायता पहुंचाई जा सके.
अबू धाबी में मिसाइल मलबे से हादसा, जानें पूरी बात
मार्च 2026 के आखिरी हफ्ते में यह हादसा हुआ. यूएई के एयर डिफेंस सिस्टम ने एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही रोक दिया था. जब इस मिसाइल का मलबा नीचे गिरा, तो उसने स्वेहान स्ट्रीट पर तबाही मचाई. इस हादसे में एक भारतीय और एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हो गई. इसके अलावा एक अमीराती, एक जॉर्डन और एक भारतीय नागरिक घायल हुए. अबू धाबी मीडिया कार्यालय ने पुष्टि की कि यह एयर डिफेंस सिस्टम की कार्रवाई के बाद हुआ हादसा था.
भारतीय दूतावास की कार्रवाई और सरकारी निर्देश
संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय दूतावास ने इस मौत पर गहरा दुख जताया है. दूतावास के अधिकारी यूएई प्रशासन के साथ समन्वय कर रहे हैं ताकि प्रभावित परिवार को हर संभव मदद मिले. यूएई सरकार ने आम लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूत्रों से ही जानकारी लें और किसी भी तरह की अफवाह न फैलाएं.
मृत शरीर को भारत भेजने की क्या है प्रक्रिया?
दुबई में भारतीय वाणिज्य दूतावास ने मृत प्रवासियों के शरीर को घर भेजने के लिए नियम तय किए हैं. इसके लिए अस्पताल, पुलिस, मुर्दाघर और दूतावास से मंजूरी और कागजी कार्रवाई की जरूरत होती है. हवाई परिवहन के लिए शव की एम्बामिंग और ताबूत तैयार करना अनिवार्य है. यदि परिवार का कोई सदस्य वहां मौजूद नहीं है, तो भारतीय दूतावास व्यवस्था करने में मदद करता है. सहायता के लिए 24 घंटे चालू रहने वाली हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं.
Frequently Asked Questions (FAQs)
अबू धाबी में भारतीय नागरिक की मौत कैसे हुई?
मार्च 2026 में एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोकने के बाद उसका मलबा स्वेहान स्ट्रीट पर गिरा, जिससे एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई.
यूएई से शव भारत वापस लाने के लिए क्या जरूरी है?
शव वापस लाने के लिए पुलिस, अस्पताल और दूतावास की मंजूरी जरूरी है. साथ ही हवाई यात्रा के लिए एम्बामिंग और ताबूत का होना अनिवार्य है.
