अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (ADIA) ने अपने सफर के 50 साल पूरे कर लिए हैं। इस मौके पर यूएई के उपराष्ट्रपति और डिप्टी प्राइम मिनिस्टर शेख़ मंसूर बिन जायद अल नाह्यान ने संस्थान की उपलब्धियों पर बात की। उन्होंने कहा कि यह संस्था 1976 में अपनी स्थापना के बाद से ही अबू धाबी की खुशहाली और तरक्की को बनाए रखने के मिशन पर काम कर रही है।

ADIA की स्थापना और इसका मुख्य मकसद क्या है?

ADIA की शुरुआत साल 1976 में हुई थी। शेख़ मंसूर बिन जायद ने इस दौरान स्वर्गीय शेख़ जायद बिन सुल्तान अल नाह्यान और स्वर्गीय शेख़ खलीफा बिन जायद अल नाह्यान के विज़न को याद किया। उन्होंने बताया कि इस संस्थान को बनाने का असली मकसद आने वाली पीढ़ियों के लिए फंड्स का निवेश करना था, ताकि भविष्य में भी अमीरात की समृद्धि बनी रहे।

संस्थान की सफलता में किसका मार्गदर्शन रहा?

शेख़ मंसूर बिन जायद ने राष्ट्रपति शेख़ मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान के प्रति अपना आभार जताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के निरंतर सहयोग और सही मार्गदर्शन की वजह से ही ADIA लंबे समय तक वैल्यू क्रिएट करने में सफल रहा है। यह संस्थान आज भी अपने पुराने लक्ष्यों पर टिका हुआ है और अबू धाबी के आर्थिक भविष्य को मजबूत कर रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ADIA की स्थापना कब हुई थी और इसका क्या उद्देश्य है?

ADIA की स्थापना 1976 में हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य अबू धाबी की समृद्धि को बनाए रखना और भविष्य की पीढ़ियों के लिए धन का निवेश करना है।

शेख़ मंसूर बिन जायद ने किन नेताओं के विज़न को याद किया?

उन्होंने स्वर्गीय शेख़ जायद बिन सुल्तान अल नाह्यान और स्वर्गीय शेख़ खलीफा बिन जायद अल नाह्यान के विज़न को याद किया जिन्होंने आने वाली पीढ़ियों के लिए इस फंड की नींव रखी थी।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.