Abu Dhabi ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। शहर में ‘Living Lab’ की शुरुआत की गई है, जहाँ दुनिया भर के डॉक्टर, निवेशक और एक्सपर्ट्स मिलकर नई स्वास्थ्य तकनीकों पर काम करेंगे। इसका मकसद AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से इलाज के नए तरीके खोजना और उन्हें असल दुनिया में लागू करना है।
Abu Dhabi के ‘Living Lab’ में क्या खास होगा?
Department of Health – Abu Dhabi (DOH) के चेयरमैन Mansoor Ibrahim Al Mansoori ने लॉस एंजिल्स में Milken Institute Global Conference के दौरान इस पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि Abu Dhabi अब पूरी दुनिया के लिए एक टेस्ट-बेड की तरह काम करेगा। यहाँ AI का इस्तेमाल सिर्फ दिखावे के लिए नहीं, बल्कि एक ज़रूरत के तौर पर किया जाएगा। अब लोगों के शरीर की बनावट (genotype), लक्षणों (phenotype) और स्मार्ट वॉच जैसे वियरेबल डिवाइस के डेटा को AI सिस्टम से जोड़कर नई दवाइयां खोजने की रफ्तार बढ़ाई जाएगी।
हेल्थ सेक्टर में और कौन से बड़े बदलाव हुए हैं?
Abu Dhabi सिर्फ इस लैब तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई अन्य रणनीतिक कदम भी उठाए हैं:
- Future Health: इसे 2 नवंबर 2025 को लॉन्च किया गया था ताकि दुनिया भर के हेल्थ एक्सपर्ट्स साल भर एक साथ मिलकर काम कर सकें।
- नया थीम: 16 मार्च 2026 को “To Sense is to Predict” थीम पेश की गई, जिसका मकसद बीमारी होने से पहले ही उसके संकेतों को पहचानना और बचाव करना है।
- लंबी उम्र के लिए सेंटर: दिसंबर 2024 में Healthy Longevity Medicine Centres के लिए नए नियम बनाए गए। UAE दुनिया का पहला ऐसा देश बना जिसने उम्र बढ़ाने और बीमारी रोकने वाले सेंटर्स के लिए लाइसेंसिंग स्टैंडर्ड शुरू किए।
- हेल्दी लिविंग प्रोग्राम: फरवरी 2026 में सरकार ने 25 ऐसी योजनाएं शुरू कीं जिनसे लोगों की जीवनशैली में सुधार लाया जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Abu Dhabi के ‘Living Lab’ का मुख्य मकसद क्या है?
इसका मुख्य मकसद दुनिया भर के इनोवेटर्स और निवेशकों को Abu Dhabi बुलाकर अगली पीढ़ी के हेल्थ सॉल्यूशंस को बनाना, टेस्ट करना और उन्हें बड़े पैमाने पर लागू करना है।
नई दवाइयों की खोज में AI का इस्तेमाल कैसे होगा?
AI सिस्टम में लोगों के जेनेटिक डेटा, शारीरिक लक्षणों और वियरेबल डिवाइसेस से मिलने वाली जानकारी को जोड़ा जाएगा, जिससे दवाओं की खोज की प्रक्रिया तेज़ होगी।