Abu Dhabi: गर्मियों की भीषण गर्मी से मज़दूरों को बचाने के लिए Abu Dhabi City Municipality ने सख्ती शुरू कर दी है। हाल ही में 404 कंस्ट्रक्शन कंपनियों के साथ एक वर्कशॉप की गई, जिसमें दोपहर के समय काम न करने के नियमों को समझाया गया। इस पहल का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी मज़दूर हीट स्ट्रेस या लू का शिकार न हो और उन्हें सुरक्षित माहौल मिल सके।

दोपहर के काम पर पाबंदी के नियम

UAE के कानून (Ministerial Resolution No. 401 of 2015) के मुताबिक, हर साल 15 जून से 15 सितंबर तक दोपहर 12:30 बजे से 3:00 बजे तक सीधी धूप में काम करना मना है। यह नियम उन सभी मज़दूरों पर लागू होता है जो खुले आसमान के नीचे काम करते हैं, जैसे कि सड़क बनाना, खुदाई करना, बागवानी और सफाई का काम। हालांकि, एयर-कंडीशंड ऑफिस या बंद कमरों में काम करने वालों के लिए यह नियम लागू नहीं होगा।

कंपनियों के लिए ज़रूरी निर्देश

सरकार ने कंपनियों को साफ़ कहा है कि वे अपने कर्मचारियों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें। कंपनियों को साइट पर निम्नलिखित सुविधाएं देना ज़रूरी है:

  • मज़दूरों के लिए छायादार आराम करने की जगह।
  • पीने का साफ़ पानी और शरीर में नमक की कमी पूरी करने के लिए हाइड्रेटिंग सॉल्यूशंस।
  • ठंडक के लिए पंखे, मिस्टिंग सिस्टम या एयर-कंडीशंड जगह।
  • साइट पर फर्स्ट-एड किट और ट्रेनिंगを受けた स्टाफ की मौजूदगी।

नियम तोड़ने पर लगेगा जुर्माना

Ministry of Human Resources and Emiratisation (MoHRE) इस नियम का सख्ती से पालन करवा रही है। अगर कोई कंपनी इस बैन का उल्लंघन करती पाई गई, तो उसे प्रति मज़दूर 5,000 दिरहम का जुर्माना देना होगा। एक कंपनी पर यह जुर्माना अधिकतम 50,000 दिरहम तक हो सकता है। बार-बार गलती करने वाली कंपनियों के वर्क परमिट भी रोके जा सकते हैं या उनकी श्रेणी नीचे की जा सकती है।

किन कामों को मिली है छूट

कुछ ज़रूरी कामों को इस बैन से बाहर रखा गया है ताकि पब्लिक सेफ्टी पर असर न पड़े। इसमें शामिल हैं:

  • सड़क पर डामर बिछाना और कंक्रीट डालना।
  • पानी या बिजली की लाइनों की इमरजेंसी मरम्मत।
  • ट्रैफिक को बहाल करने वाले ज़रूरी काम।
  • तकनीकी कारणों से लगातार चलने वाले काम, जिनके लिए सरकारी अनुमति ली गई हो।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.