अबू धाबी सरकार ने शहर में खतरनाक पदार्थों (Hazardous Materials) को संभालने और उनके इस्तेमाल को लेकर 11 नई गाइडलाइन्स जारी की हैं। इन नियमों को लागू करने वाला अबू धाबी दुनिया का पहला क्षेत्र बन गया है जिसने सुरक्षा के अंतरराष्ट्रीय मानकों को अपनाया है। 9 अप्रैल 2026 से इन नियमों को आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया गया है। इसका सीधा असर उन कंपनियों और प्रवासियों पर पड़ेगा जो खतरनाक केमिकल या पेट्रोलियम पदार्थों के काम से जुड़े हैं।

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इन 11 नियमों में क्या खास है और कंपनियों को क्या करना होगा?

अबू धाबी खतरनाक सामग्री प्रबंधन केंद्र (ADHMMC) ने साफ किया है कि ये नियम सामान के आयात, निर्माण, पैकेजिंग, ट्रेडिंग और उसे नष्ट करने तक के पूरे चक्र पर नजर रखेंगे। नए नियमों के तहत अब हर सामान पर सही लेबल लगाना और सेफ्टी डेटा शीट (Safety Data Sheet) देना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे औद्योगिक दुर्घटनाओं और पर्यावरण को होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। अधिकारियों के मुताबिक, इससे प्राइवेट सेक्टर में पारदर्शिता आएगी और निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा।

ट्रांसपोर्ट और सुरक्षा के लिए जरूरी निर्देश

जो लोग अबू धाबी में ट्रांसपोर्ट या लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में काम कर रहे हैं, उन्हें अब ज्यादा सतर्क रहना होगा। सरकार ने सुरक्षा को लेकर कुछ कड़े मापदंड तय किए हैं जो नीचे दिए गए हैं:

  • खतरनाक सामान ले जाने वाली गाड़ियों और उनके ड्राइवरों के पास विशेष परमिट होना जरूरी है।
  • कंपनियों को अपने कर्मचारियों के लिए समय-समय पर ट्रेनिंग और सुरक्षा जांच करानी होगी।
  • किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए इमरजेंसी रिस्पांस प्लान तैयार रखना होगा।
  • सामान की हैंडलिंग के दौरान सुरक्षा उपकरणों और सही लेबलिंग का इस्तेमाल अनिवार्य है।
  • सभी खतरनाक पदार्थों का डेटा सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म (ADHM) पर अपडेट करना होगा।
  • एनर्जी सेक्टर में पेट्रोलियम और अन्य पदार्थों के लिए अब एक एकीकृत रेगुलेटरी फ्रेमवर्क का पालन करना होगा।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.