UAE का बड़ा कदम, Abu Dhabi बनेगा दुनिया का हाइड्रोजन हब, अरबों का निर्यात होगा शुरू

Abu Dhabi Chamber of Commerce and Industry (ADCCI) ने जून 2026 की एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें यह बताया गया है कि Abu Dhabi अब दुनिया के हाइड्रोजन बाजार में सबसे आगे रहने की तैयारी कर चुका है। यह शहर दुनिया के उन चुनिंदा इलाकों में शामिल है, जहां हाइड्रोजन पैदा करना सबसे सस्ता और आसान है। Chamber की बिजनेस इंटेलिजेंस टीम द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट में साफ है कि शहर ने सिर्फ वादे नहीं किए हैं, बल्कि अब कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम भी शुरू कर दिया है।
हाइड्रोजन में UAE का क्यों है जलवा
UAE में सूरज की रोशनी भरपूर है, बिजली का ढांचा बहुत मजबूत है और यहां काम करने की लागत काफी कम आती है। इन सब फायदों की वजह से साल 2030 तक UAE में हाइड्रोजन और अमोनिया की कीमत दुनिया में सबसे कम रहने की उम्मीद है। इसका सीधा मतलब यह है कि UAE आने वाले समय में European Union, Japan और South Korea जैसे देशों को हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया आसानी से निर्यात कर सकेगा। शहर का लक्ष्य है कि साल 2031 तक हर साल 1.4 Mt यानी करीब 14 लाख टन हाइड्रोजन का उत्पादन किया जाए।
कामकाज और निवेश का भविष्य
इस प्रोजेक्ट से UAE के पास अरबों दिरहम कमाने का मौका है। हाइड्रोजन के साथ-साथ Abu Dhabi अब ग्रीन अमोनिया, मेथनॉल और हवाई जहाजों में इस्तेमाल होने वाले सस्टेनेबल फ्यूल पर भी ध्यान दे रहा है। ADCCI के अनुसार, दुनिया में अभी भी बहुत से हाइड्रोजन प्रोजेक्ट्स ऐसे हैं जिनके पास पक्के ग्राहक नहीं हैं, लेकिन Abu Dhabi ने पहले से ही ग्राहकों को जोड़कर अपनी सफलता तय कर ली है।
महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स और ऑफटेक एग्रीमेंट
शहर ने पहले से ही कई बड़े करार किए हैं ताकि हाइड्रोजन का सही इस्तेमाल हो सके। इसका एक बड़ा उदाहरण है EMSTEEL–Masdar का ग्रीन स्टील प्रोजेक्ट, जो पूरे मिडिल ईस्ट में अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट है। इसके अलावा Modon और Aldar जैसी बड़ी कंपनियों के साथ भी समझौते किए गए हैं ताकि सस्टेनेबल कंस्ट्रक्शन में ग्रीन स्टील का इस्तेमाल किया जा सके।
इस रिपोर्ट के बारे में अधिक जानकारी आप Abu Dhabi Chamber of Commerce and Industry की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं। यह पूरा बदलाव न केवल UAE की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा, बल्कि भविष्य में नई नौकरियां पैदा करने और टेक्नोलॉजी के निर्यात में भी एक बड़ी भूमिका निभाएगा। हाइड्रोजन के क्षेत्र में इस तरह की पहल से भारत समेत दुनिया भर के निवेशकों को भी UAE के साथ जुड़ने का एक बेहतर मौका मिलेगा।