अबू धाबी में सरकारी नियमों की अनदेखी करने वाले एक प्राइवेट नोटरी को भारी जुर्माना भरना पड़ा है। Abu Dhabi Judicial Department (ADJD) ने नियमों के उल्लंघन पर 30,000 दिरहम का जुर्माना लगाया है। यह कदम शहर में कानूनी सेवाओं की क्वालिटी को सुधारने और लोगों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है।

नोटरी पर जुर्माना क्यों लगा और कौन से नियम टूटे?

Abu Dhabi Judicial Department की Private Notary Affairs Committee ने 27 अप्रैल 2026 को यह फैसला सुनाया। नोटरी ने अपने काम के दौरान तय कानूनों और नियमों का पालन नहीं किया था। Yousef Saeed Al Abri, जो ADJD के अंडरसेक्रेटरी हैं, ने इस मीटिंग की अध्यक्षता की।

  • जुर्माने की रकम: 30,000 दिरहम।
  • कारण: प्रोफेशनल नियमों और कानूनी ढांचे की अनदेखी।
  • मकसद: लेनदेन में सटीकता लाना और लोगों के हक की रक्षा करना।

UAE में नोटरी के लिए क्या हैं नए नियम और सजा?

UAE सरकार ने नोटरी के काम के लिए कड़े नियम बनाए हैं, जिनमें Federal Decree-Law No. (20) of 2022 शामिल है। नए कैबिनेट फैसले 146/2025 के मुताबिक, गलतियों पर 5,000 से 30,000 दिरहम तक का जुर्माना लग सकता है।

  • भारी जुर्माना (30,000 AED): यह तब लगता है जब कोई नोटरी मुस्लिम पर्सनल स्टेटस या प्रॉपर्टी के कागजों में गलत तरीके से दखल देता है या अपने परिवार के फायदे के लिए काम करता है।
  • अन्य गलतियां: पहचान की सही जांच न करना, गलत जानकारी को प्रमाणित करना या गोपनीयता तोड़ना।
  • सख्त सजा: पैसों के अलावा चेतावनी, लाइसेंस सस्पेंड करना या हमेशा के लिए लाइसेंस रद्द करना भी हो सकता है।

अबू धाबी में अब कितने प्राइवेट नोटरी ऑफिस हैं?

ADJD ने केवल जुर्माना ही नहीं लगाया, बल्कि नए ऑफिसों को लाइसेंस देने और पुराने लाइसेंस रिन्यू करने का काम भी किया है। इससे अब अबू धाबी में कुल 53 प्राइवेट नोटरी हो गए हैं, जो 41 लाइसेंस्ड लॉ फर्म्स के जरिए काम कर रहे हैं। इसका मकसद आम लोगों और प्रवासियों के लिए कानूनी सेवाओं को आसान और तेज बनाना है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.