संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राजधानी अबू धाबी में रहने वाले लोगों के लिए राहत की एक बड़ी खबर आई है। अबू धाबी रियल एस्टेट सेंटर (ADREC) ने पूरे अमीरात में सभी तरह के रेजिडेंशियल, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल प्रॉपर्टीज के लिए किराया बढ़ाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। यह फैसला तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है और अगले आदेश तक जारी रहेगा। इस फैसले से यहां रहने वाले प्रवासियों और कारोबारियों को बहुत बड़ी वित्तीय राहत मिलेगी और उनके रहने का खर्च नियंत्रण में रहेगा।
किस तरह के किरायों पर लागू होगा यह नया नियम?
अबू धाबी रियल एस्टेट सेंटर (ADREC) ने साफ किया है कि किराए पर रोक का यह नया नियम नए किराएदारों और पुराने किराएदारों दोनों पर समान रूप से लागू होगा।
- नए कॉन्ट्रैक्ट: अगर कोई नया किराएदार किसी प्रॉपर्टी में आता है, तो उस यूनिट का नया किराया पिछले एग्रीमेंट में तय किराए के बराबर ही रहेगा।
- पुराने कॉन्ट्रैक्ट का रिन्यूअल: अगर कोई किराएदार अपना मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट रिन्यू करवाता है, तो मकान मालिक किराए में बढ़ोतरी नहीं कर सकता है।
- सभी संपत्तियों पर लागू: यह नियम आवासीय घरों, व्यावसायिक दुकानों और औद्योगिक संपत्तियों यानी सभी पर समान रूप से लागू है।
पुराने 5 प्रतिशत वाले नियम का क्या हुआ?
इस नए फैसले से पहले, अबू धाबी में साल 2016 के प्रस्ताव संख्या 14 के तहत मकान मालिकों को सालाना किराए में अधिकतम 5% तक बढ़ोतरी करने की अनुमति थी। अब इस नए सरकारी आदेश के बाद उस 5 प्रतिशत वाले नियम को निलंबित कर दिया गया है। यानी अब मकान मालिक पुराने नियम का हवाला देकर भी किराए में बढ़ोतरी नहीं कर सकेंगे।
इस फैसले से आम जनता और प्रवासियों को क्या फायदा होगा?
अबू धाबी में बड़ी संख्या में भारतीय और अन्य देशों के प्रवासी रहते हैं। इस फैसले से किराएदारों को उनके मासिक बजट को संभालने में बड़ी मदद मिलेगी। रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से महंगाई के दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही, किराए को लेकर मकान मालिकों और किराएदारों के बीच होने वाले विवादों में भी बड़ी कमी आएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अबू धाबी में किराए पर रोक का नियम कब से लागू हुआ है?
यह नियम 2 जून 2026 से तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है और अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।
क्या नए किराएदार के लिए भी किराया वही रहेगा?
हां, नए नियम के अनुसार किसी भी खाली यूनिट को नए किराएदार को देते समय उसका किराया पिछले एग्रीमेंट में दर्ज किराए के बराबर ही रखना होगा।
