अबू धाबी में रहने वाले किरायेदारों और व्यापारियों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी आई है। सरकार ने किराए में होने वाली बढ़ोतरी पर पूरी तरह रोक लगा दी है। अब घर या दुकान का रेंट नहीं बढ़ेगा, जिससे लोगों को बार-बार घर बदलने की टेंशन और भारी खर्च से छुटकारा मिलेगा।
Abu Dhabi Real Estate Centre (ADREC) ने 2 जून 2026 को इस फैसले का ऐलान किया, जो तुरंत लागू हो गया है। यह नियम तब तक रहेगा जब तक सरकार आगे की सूचना नहीं देती। इस नए आदेश के बाद अब सालाना किराए में होने वाली बढ़ोतरी की सीमा 5% से घटाकर 0% कर दी गई है।
किराए से जुड़े नए नियमों की जानकारी
यह रेंट फ्रीज़ पूरे अबू धाबी में लागू है और इसमें रिहायशी घरों के साथ-साथ कमर्शियल और इंडस्ट्रियल प्रॉपर्टी भी शामिल हैं। मकान मालिक अब कॉन्ट्रैक्ट रिन्यू करते समय किराया नहीं बढ़ा पाएंगे। रिन्यूअल के समय किराया वही रहेगा जो Tawtheeq सिस्टम में आखिरी बार रजिस्टर्ड था।
नियमों को और सख्त बनाते हुए सरकार ने कहा है कि अगर किसी खाली यूनिट के लिए नया कॉन्ट्रैक्ट किया जाता है, तो उसका किराया भी पिछले किरायेदार के कॉन्ट्रैक्ट के बराबर ही रखना होगा। इससे मकान मालिक नए किरायेदारों से ज्यादा पैसा नहीं वसूल पाएंगे।
जरूरी नियम और शर्तें
| विवरण | नियम/जानकारी |
|---|---|
| लागू होने की तारीख | 2 जून 2026 |
| किराया बढ़ोतरी सीमा | 0% (कोई बढ़ोतरी नहीं) |
| लागू प्रॉपर्टी | रिहायशी, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल |
| रजिस्ट्रेशन सिस्टम | Tawtheeq (अनिवार्य) |
| नया कॉन्ट्रैक्ट किराया | पिछले कॉन्ट्रैक्ट के बराबर |
सरकार ने साफ कर दिया है कि सभी किराये के कॉन्ट्रैक्ट Tawtheeq सिस्टम के जरिए ही रजिस्टर्ड होने चाहिए। अगर कोई मकान मालिक किराया बढ़ाकर रजिस्टर करने की कोशिश करेगा, तो सिस्टम उसे प्रोसेस नहीं करेगा।
आम लोगों और एक्सपर्ट्स की राय
ADREC ने बताया कि यह कदम मार्केट में स्थिरता लाने और किराये की कीमतों को कंट्रोल करने के लिए उठाया गया है। कई जगहों पर मकान मालिक किराया 50% तक बढ़ा रहे थे, जिससे आम लोगों और प्रवासियों की मुश्किलें बढ़ रही थीं। भारतीय प्रवासियों और अन्य एक्सपैट्स के लिए यह फैसला बड़ी राहत लेकर आया है क्योंकि अब उनके मासिक बजट पर दबाव कम होगा।
- Zayed Al Hashemi: उन्होंने कहा कि इस फैसले से वे बच गए, वरना किराया बढ़ने की वजह से उन्हें अपना घर छोड़कर कहीं और जाना पड़ता।
- Luis Santos: उनका मानना है कि नए किरायेदारों को सबसे ज्यादा फायदा होगा क्योंकि पहले नए किरायेदारों से काफी ज्यादा किराया लिया जाता था।
- Pyush Lohia: उन्होंने इस कदम को मार्केट की स्थिरता की दिशा में एक बड़ा फैसला बताया, जिससे अब रहने वालों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि इससे मकान मालिकों की कमाई पर थोड़ा असर पड़ सकता है, लेकिन लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स के लिए मार्केट अभी भी मजबूत है।