अबू धाबी के आंकड़ों की देखरेख करने वाली संस्था SCAD ने एक बड़ा ऐलान किया है। सरकार अब शहर की GDP यानी सकल घरेलू उत्पाद को मापने के तरीके में बदलाव करने जा रही है। इस कदम से अर्थव्यवस्था की सही तस्वीर सामने आएगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आंकड़ों का मिलान आसान होगा।
अबू धाबी GDP में बदलाव क्यों किया जा रहा है?
SCAD ने बताया कि यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है ताकि अर्थव्यवस्था के मौजूदा ढांचे और बदलावों को सही तरीके से समझा जा सके। इससे आंकड़ों में पारदर्शिता आएगी और दुनिया भर के मानकों के हिसाब से रिपोर्ट तैयार होगी। यह बदलाव भविष्य में आने वाले इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स यानी SNA 2025 की तैयारी का भी हिस्सा है। इसका उद्देश्य GDP के अनुमानों को एक नए आधार वर्ष के साथ जोड़ना है ताकि अर्थव्यवस्था के वर्तमान पैमाने और रफ्तार का पता चल सके।
GDP गणना को सटीक बनाने के लिए क्या उपाय किए जाएंगे?
इस पूरे काम को सही बनाने के लिए सरकार कई तरह के डेटा और सर्वे का सहारा लेगी। इसमें लोगों की आबादी से लेकर उनके खर्चों तक की पूरी जानकारी शामिल होगी। नीचे दी गई टेबल में उन मुख्य टूल्स की जानकारी दी गई है जिनका इस्तेमाल इस बदलाव में होगा:
| मुख्य डेटा स्रोत और पहल | विवरण |
|---|---|
| Supply and Use Tables | आपूर्ति और उपयोग तालिकाओं का विकास |
| Input Output Tables | इनपुट आउटपुट तालिकाओं का निर्माण |
| Population Data | रजिस्टर आधारित जनगणना से आबादी का डेटा |
| HIES 2024 | घरेलू आय और व्यय सर्वेक्षण 2024 |
| Business Registers | बिज़नेस सांख्यिकीय रजिस्टरों में सुधार |
| Administrative Registers | प्रशासनिक सांख्यिकीय रजिस्टरों का अपडेट |
| SNA 2025 | नेशनल अकाउंट्स सिस्टम 2025 की तैयारी |
Frequently Asked Questions (FAQs)
यह घोषणा कब की गई और किस संस्था ने की?
यह घोषणा 21 मई 2026 को Statistics Centre – Abu Dhabi (SCAD) द्वारा की गई, जो अमीरात में सांख्यिकीय डेटा के लिए आधिकारिक संस्था है।
इस GDP रिविजन का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक आंकड़ों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और अंतरराष्ट्रीय तुलनात्मकता को बढ़ाना है ताकि अबू धाबी की अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति सही ढंग से दिख सके।
