Abu Dhabi के प्राइवेट स्कूलों के लिए एक बड़ा नियम लागू हुआ है। अब कोई भी स्कूल फीस बकाया होने की वजह से बच्चों को परीक्षा देने से नहीं रोक सकेगा। Abu Dhabi Department of Education and Knowledge (ADEK) ने इस बात को साफ कर दिया है कि छात्रों का भविष्य और उनकी पढ़ाई सबसे पहले है। यह फैसला उन प्रवासियों और परिवारों के लिए बड़ी राहत है जो आर्थिक तंगी की वजह से फीस जमा करने में देरी करते हैं।

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फीस न भरने पर क्या होगा

ADEK ने साफ कहा है कि कोई भी प्राइवेट स्कूल फीस बकाया होने पर छात्र को एग्जाम देने से नहीं रोकेगा। अगर फीस जमा नहीं हुई है, तो स्कूल को एक तय तरीका अपनाना होगा। स्कूल सबसे पहले माता-पिता या गार्जियन को तीन चेतावनी नोटिस भेजेगा। हर नोटिस के बीच कम से कम एक हफ्ते का अंतर होना जरूरी है।

इन तीन चेतावनियों के बाद, स्कूल एक टर्म में केवल एक बार छात्र की हाजिरी को अधिकतम तीन दिनों के लिए रोक सकता है। हालांकि, स्कूल के पास कुछ अन्य अधिकार रहेंगे। वे एग्जाम सर्टिफिकेट और ट्रांसफर सर्टिफिकेट रोक सकते हैं, eSIS सिस्टम के जरिए ट्रांसफर ब्लॉक कर सकते हैं या अगले साल के एडमिशन को रोक सकते हैं। अगर स्कूल अगले साल एडमिशन नहीं दे रहा है, तो इसकी जानकारी माता-पिता को साल खत्म होने से तीन महीने पहले लिखित में देनी होगी।

फीस भुगतान और पारदर्शिता के नियम

स्कूलों को अपनी वेबसाइट पर फीस वसूलने के नियम साफ-साफ लिखने होंगे ताकि माता-पिता को कोई उलझन न हो। साथ ही, स्कूलों को यह भी ध्यान रखना होगा कि फीस न भरने वाले छात्रों की जानकारी गुप्त रखी जाए ताकि उन्हें किसी तरह की शर्मिंदगी का सामना न करना पड़े।

विवरण नियम/शर्त
किस्त की सुविधा एक साल में अधिकतम 10 किस्तों में भुगतान संभव
समान किस्तें कम से कम 3 किस्तें बराबर होनी चाहिए
पहली किस्त स्कूल शुरू होने से एक महीने पहले से ही ली जा सकती है
किताबें और यूनिफॉर्म पुरानी किताबें या यूनिफॉर्म इस्तेमाल करने का विकल्प मौजूद
फीस ब्रेकअप ट्यूशन, ट्रांसपोर्ट और एक्टिविटी का अलग-अलग विवरण देना जरूरी

ADEK का उद्देश्य

ADEK ने बताया कि ये कदम छात्र की योग्यता की गरिमा बनाए रखने के लिए उठाए गए हैं। विभाग का कहना है कि छात्रों को उनके ग्रेड और सर्टिफिकेट अपनी मेहनत से मिलने चाहिए, न कि किसी दबाव में। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रेड बढ़ाकर दिखाना शिक्षा प्रणाली के भरोसे को कम करता है और निष्पक्ष प्रतियोगिता को प्रभावित करता है। सभी प्राइवेट स्कूलों को 2025-2026 शैक्षणिक वर्ष से इन नियमों का पूरी तरह पालन करना होगा।