अबू धाबी और चीन के बीच अब व्यापार और निवेश का रिश्ता और मजबूत होने वाला है. शंघाई में एक बड़ा समझौता हुआ है जिससे आने वाले समय में दोनों शहरों के बीच बिजनेस करना और आसान हो जाएगा. इस कदम से न केवल निवेश बढ़ेगा बल्कि नए प्रोजेक्ट्स पर भी काम शुरू होगा.
अबू धाबी और शंघाई के बीच हुआ खास समझौता
12 जून 2026 को Abu Dhabi Chamber of Commerce and Industry और Shanghai Foreign Investment Development Board (Invest Shanghai) के बीच एक रणनीतिक समझौता (MoU) साइन किया गया. यह साइनिंग Abu Dhabi Investment Forum (ADIF) के दौरान हुई, जिसे Abu Dhabi Investment Office (ADIO) ने ADGM और ADDED के साथ मिलकर आयोजित किया था.
इस समझौते पर Abu Dhabi Chamber के डायरेक्टर जनरल Ali Mohamed Al Marzooqi और Invest Shanghai के प्रेसिडेंट Xue Feng ने दस्तखत किए. इस पार्टनरशिप का मुख्य मकसद दोनों शहरों के बिजनेस समुदायों के बीच मजबूत संबंध बनाना और निवेश को बढ़ावा देना है.
क्या होगा इस समझौते का फायदा
इस समझौते के तहत कई ऐसे काम किए जाएंगे जिससे व्यापारियों को मदद मिलेगी. इसमें मुख्य रूप से ये बातें शामिल हैं:
- बिजनेस माहौल और निवेश के मौकों के बारे में जानकारी शेयर करना.
- बाजार में एंट्री करने की प्रक्रिया को आसान बनाना और निवेशकों को बेहतर सुविधाएं देना.
- आर्थिक इवेंट्स और खास फोरम का आयोजन करना ताकि दोनों शहरों के व्यापारी आपस में जुड़ सकें.
- एक-दूसरे के इंटरनेशनल नेटवर्क का इस्तेमाल करके निवेश को बढ़ावा देना.
- व्यापारिक मिशनों (Trade Missions) का आयोजन करना ताकि नए मौके तलाशे जा सकें.
चीनी कंपनियों की अबू धाबी में बढ़ती दिलचस्पी
अबू धाबी में चीनी कंपनियों का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है. वे यहाँ कई अलग-अलग क्षेत्रों में अपना काम कर रही हैं. आंकड़ों के मुताबिक, 2024 के मुकाबले 2025 में Abu Dhabi Chamber की सदस्यता लेने वाली चीनी कंपनियों की संख्या में 85% की भारी बढ़त हुई है.
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| समझौता तिथि | 12 जून 2026 |
| सदस्यता वृद्धि (2025) | 85% |
| प्रमुख क्षेत्र | व्यापार, निर्माण (Construction), मैन्युफैक्चरिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज |
| आयोजक संस्थाएं | ADIO, ADGM, ADDED |
अधिकारियों ने क्या कहा
Ali Mohamed Al Marzooqi ने बताया कि यह समझौता अबू धाबी और चीन के आर्थिक रिश्तों में एक मील का पत्थर है. इससे निवेशकों के लिए बातचीत के नए रास्ते खुलेंगे और व्यापार के मौके बढ़ेंगे. उन्होंने कहा कि अबू धाबी का लक्ष्य खुद को बिजनेस और निवेश के ग्लोबल हब के रूप में स्थापित करना है.
वहीं, Xue Feng ने कहा कि इस संस्थागत ढांचे से दोनों पक्षों के बीच अनुभव और निवेश के अवसरों का आदान-प्रदान बढ़ेगा. इससे कंपनियों को दुनिया की गतिशील अर्थव्यवस्था में आगे बढ़ने और ग्रोथ हासिल करने में मदद मिलेगी.
