Abu Dhabi के स्वास्थ्य विभाग (DoH) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक हेल्थकेयर फैसिलिटी को तुरंत प्रभाव से बंद कर दिया है और उसका लाइसेंस भी सस्पेंड कर दिया है. यह एक्शन इसलिए लिया गया क्योंकि यह अस्पताल बिना मरीज को देखे ही पैसों के बदले फर्जी सिक लीव (Sick Leave) सर्टिफिकेट बांट रहा था. इस मामले में शामिल सभी कर्मचारियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पब्लिक प्रॉसिक्यूशन (Public Prosecution) को सौंप दिया गया है. जब तक इस मामले की पूरी कानूनी और अनुशासनात्मक प्रक्रिया खत्म नहीं हो जाती, तब तक यह सुविधा बंद रहेगी.

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अस्पताल में कैसे चल रहा था फर्जीवाड़ा

जांच में यह बात सामने आई कि यह स्वास्थ्य केंद्र मरीजों का शारीरिक परीक्षण किए बिना ही उन्हें भुगतान वाले सिक लीव सर्टिफिकेट जारी कर रहा था. नियम के अनुसार कोई भी मेडिकल सर्टिफिकेट देने से पहले मरीज का क्लिनिक में आना या मान्य टेली-कंसल्टेशन (Tele-consultation) होना बहुत जरूरी है. बिना जांच के सर्टिफिकेट जारी करना पेशेवर और वित्तीय धोखाधड़ी के दायरे में आता है. स्वास्थ्य विभाग के निरीक्षण के दौरान इस अस्पताल में कई अन्य नियमों के उल्लंघन भी पकड़े गए. पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं जहां फर्जी सिक लीव के लिए 100 AED प्रतिदिन के हिसाब से पैसे लिए जाते थे.

कर्मचारियों और अस्पताल पर क्या होगा एक्शन

अस्पताल और इसमें काम करने वाले लोगों पर कई सख्त कदम उठाए गए हैं, जिन्हें नीचे बताया गया है:

  • अस्पताल को तब तक बंद रखा जाएगा जब तक कोर्ट और प्रशासन की कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती.
  • मामले में शामिल डॉक्टरों और प्रशासनिक कर्मचारियों को पब्लिक प्रॉसिक्यूशन के हवाले कर दिया गया है.
  • दोषी पाए जाने पर इन लोगों का प्रोफेशनल मेडिकल लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द किया जा सकता है.
  • इसके अलावा इन्हें भारी जुर्माना और आपराधिक आरोपों का भी सामना करना पड़ेगा.

प्रवासियों और आम लोगों के लिए जरूरी जानकारी

स्वास्थ्य विभाग (DoH) ने स्पष्ट कर दिया है कि नियमों को तोड़ने वालों पर जीरो टॉलरेंस (Zero tolerance) की नीति अपनाई जाएगी. गल्फ देशों में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे हमेशा सही तरीके से और असली मेडिकल चेकअप के बाद ही सिक लीव लें. विभाग अब एक ऑटोमेटेड सिस्टम का इस्तेमाल कर रहा है जो किसी भी क्लिनिक से एक साथ बहुत ज्यादा सिक लीव जारी होने पर तुरंत अलर्ट कर देता है. फर्जी इंश्योरेंस क्लेम और मेडिकल रिकॉर्ड से छेड़छाड़ को रोकने के लिए पूरे अमीरात में स्वास्थ्य केंद्रों की निगरानी बढ़ा दी गई है.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com