अबू धाबी में मानवाधिकारों की रक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। शेख मंसूर बिन जायद अल नाह्यान ने मानव तस्करी (Human Trafficking) के अपराधों की सुनवाई के लिए एक स्पेशल कोर्ट बनाने का आदेश दिया है। इस फैसले से अब ऐसे अपराधों पर लगाम लगेगी और पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सकेगा।
अबू धाबी ज्यूडिशियल डिपार्टमेंट (ADJD) के चेयरमैन शेख मंसूर बिन जायद ने इसके लिए रिज़ॉल्यूशन नंबर 40 ऑफ 2026 जारी किया है। इस नए कानून का मुख्य उद्देश्य न्यायिक प्रणाली को मजबूत करना और लोगों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा करना है।
कैसे काम करेगी यह स्पेशल कोर्ट
इस नई अदालत के लिए एक पूरा सिस्टम तैयार किया गया है ताकि केस जल्द से जल्द सुलझ सकें। इसमें निम्नलिखित विभाग शामिल होंगे:
- स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूशन: यह विभाग मानव तस्करी के अपराधों की जांच करेगा और केस चलाएगा।
- कोर्ट ऑफ फर्स्ट इंस्टेंस: यहाँ मामलों की पहली सुनवाई होगी।
- कोर्ट ऑफ अपील: यहाँ फैसलों के खिलाफ अपील सुनी जाएगी।
यह पूरी व्यवस्था इसलिए बनाई गई है ताकि कानूनी कार्यवाही में तेजी आए और अपराधियों को जल्दी सजा मिल सके।
पुराने केसों का क्या होगा
यह स्पेशल कोर्ट अबू धाबी अमीरात में होने वाले मानव तस्करी के सभी मामलों को देखेगा। नए आदेश के मुताबिक, अभी जिन अदालतों में मानव तस्करी के केस चल रहे हैं, उन्हें इस नई स्पेशल कोर्ट में भेज दिया जाएगा। हालांकि, जिन केसों की दलीलें (pleadings) पूरी हो चुकी हैं, उन्हें पुरानी अदालत में ही रहने दिया जाएगा।
अबू धाबी ज्यूडिशियल डिपार्टमेंट के अंडरसेक्रेटरी को इस आदेश को लागू करने और कोर्ट के कामकाज को सुचारु रूप से चलाने की जिम्मेदारी दी गई है।
