अबू धाबी अब अपने समुद्रों को और सुरक्षित बनाने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है। यहाँ बिना ड्राइवर के चलने वाली पेट्रोल बोट्स का ट्रायल शुरू किया गया है। इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट सेंटर (ITC) ने 1 मई 2026 को इन नावों का परीक्षण शुरू किया ताकि पानी के रास्तों पर बेहतर नज़र रखी जा सके और स्मार्ट मोबिलिटी के लक्ष्य को पूरा किया जा सके।
बिना ड्राइवर वाली नावों का क्या होगा काम?
यह 23 फुट लंबी ऐसी नावें हैं जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से खुद चलेंगी। इन नावों का इस्तेमाल मुख्य रूप से निम्नलिखित कामों के लिए किया जाएगा:
- समुद्री रास्तों और चैनल्स की लगातार निगरानी करना।
- समुद्र में चलने वाले जहाजों और नावों द्वारा नियमों के पालन की जांच करना।
- समुद्री सुरक्षा को पहले से ज़्यादा मज़बूत बनाना।
- निगरानी के काम को ज़्यादा सटीक और असरदार बनाना।
इस प्रोजेक्ट में कौन सी संस्थाएं शामिल हैं?
इस पूरे ट्रायल की ज़िम्मेदारी इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट सेंटर (ITC) की है, जो डिपार्टमेंट ऑफ म्युनिसिपैलिटीज एंड ट्रांसपोर्ट के अंतर्गत आता है। इस काम को सफल बनाने के लिए कई बड़ी संस्थाएं मिलकर काम कर रही हैं:
- अबू धाबी इन्वेस्टमेंट ऑफिस (ADIO) और ब्लू गल्फ ग्रुप इस ट्रायल में सहयोग कर रहे हैं।
- अबू धाबी मैरीटाइम इन नावों को तैनात करने और निगरानी चलाने में मदद कर रहा है।
- स्मार्ट एंड ऑटोनॉमस सिस्टम्स काउंसिल इन सभी ट्रायल्स की देखरेख कर रही है।
समुद्र में आने वाली अन्य नई तकनीकें
अबू धाबी सिर्फ इन छोटी नावों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहाँ समुद्री सुरक्षा के लिए कई बड़े बदलाव हो रहे हैं। ADNOC लॉजिस्टिक्स एंड सर्विसेज (ADNOC L&S) ने 2025 के अंत में अपने पहले AI-पावर्ड जहाजों का अनावरण किया था, जिनकी डिलीवरी 2026 की चौथी तिमाही तक होने की उम्मीद है। इसके अलावा, मिलकोर कंपनी ने ‘कमांडर’ नाम की 16 मीटर लंबी हाई-स्पीड पेट्रोल बोट बनाई है, जबकि अबू धाबी शिप बिल्डिंग ने फरवरी 2025 में ‘फलाज 3-क्लास’ ऑफशोर पेट्रोल वेसल पेश किया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अबू धाबी में ऑटोनॉमस पेट्रोल बोट का ट्रायल कब शुरू हुआ?
इन 23 फुट लंबी बिना ड्राइवर वाली नावों का फील्ड ट्रायल 1 मई 2026 को इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट सेंटर (ITC) द्वारा शुरू किया गया।
इन AI नावों का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इनका मुख्य उद्देश्य समुद्री रास्तों की निगरानी बढ़ाना, नियमों का पालन सुनिश्चित करना और समुद्री सुरक्षा को और अधिक मज़बूत करना है।