पाकिस्तान के क्वेटा स्थित सिविल सैंडमैन हॉस्पिटल में एक महिला डॉक्टर पर तेजाब से हमला हुआ है। इस घटना के बाद पूरे शहर के डॉक्टरों में भारी गुस्सा है और वे अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। डॉक्टरों ने इस मामले में निष्पक्ष न्यायिक जांच और जिम्मेदार लोगों से जवाब मांगा है।

🗞️: Saudi Arabia New Rule: सऊदी में बिना मंजूरी नहीं हट सकेगा सेल्फ-ड्राइविंग गाड़ी का रजिस्ट्रेशन, नया नियम लागू

क्या है पूरा मामला

6 जून 2026 को सिविल सैंडमैन हॉस्पिटल के सर्जिकल कॉम्प्लेक्स में ड्यूटी पर तैनात पोस्ट ग्रेजुएट डॉक्टर Mahnoor Naseer पर तेजाब फेंका गया। हमला करने वाले की पहचान Humayun Shah के रूप में हुई, जो अस्पताल में प्राइवेट लिफ्ट ऑपरेटर का काम करता था। पुलिस ने बताया कि बाद में एक मुठभेड़ में हमलावर मारा गया।

सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी लापरवाही

Pakistan Medical Association (PMA) के क्वेटा ज़ोन के जनरल सेक्रेटरी Dr. Shoaib Baloch ने इस हमले को प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा उदाहरण बताया। उनके मुताबिक, यह हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं बल्कि पूरे मेडिकल समुदाय और स्वास्थ्य प्रणाली पर हुआ है। PMA ने आरोप लगाया कि हमले के वक्त सर्जिकल कॉम्प्लेक्स में कोई सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं था और अस्पताल के ज़्यादातर CCTV कैमरे या तो खराब थे या टूटे हुए थे।

डॉक्टरों का विरोध और सरकार की कार्रवाई

इस घटना के बाद Young Doctors Association (YDA) और PMA ने विरोध प्रदर्शन और रैलियां की हैं। डॉक्टरों ने मांग की है कि protesting डॉक्टरों के खिलाफ की गई प्रशासनिक कार्रवाई को वापस लिया जाए। दूसरी तरफ, बलूचिस्तान स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए नियमों के उल्लंघन और मरीजों की सुविधाओं में बाधा डालने के आरोप में 23 डॉक्टरों को सस्पेंड कर दिया और 25 अन्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

वर्तमान स्थिति और सरकारी मदद

डॉक्टर Mahnoor Naseer को बेहतर इलाज के लिए कराची के Aga Khan University Hospital भेजा गया है। उनकी पहली सर्जरी हो चुकी है और उनकी हालत अब स्थिर है। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री Mir Sarfraz Bugti और गवर्नर Jaffar Khan Mandokhail ने डॉक्टर के इलाज का पूरा खर्च उठाने का भरोसा दिया है। साथ ही, सरकार ने स्वास्थ्य संस्थानों की सुरक्षा स्थिति का आकलन करने के लिए एक हाई-लेवल रिव्यू कमेटी का गठन किया है।