भागलपुर से मुंगेर तक बनने वाली गंगा मरीन ड्राइव परियोजना में एक बड़ा बदलाव होने वाला है। लगभग 9,000 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को 40 मीटर उत्तर दिशा में खिसकाने का प्रस्ताव आया है। सुल्तानगंज विधायक प्रो. ललित नारायण मंडल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलकर यह बात रखी है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि मरीन ड्राइव के निर्माण के दौरान किसी भी परिवार का घर न टूटे। मुख्यमंत्री ने इस समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया है।

गंगा मरीन ड्राइव परियोजना क्या है?

भागलपुर से मुंगेर तक गंगा नदी के किनारे एक मरीन ड्राइव बनाने की योजना है। यह एक बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना है, जिस पर लगभग 9,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस परियोजना का निर्माण Adani Enterprises कर रही है।

विधायक ने CM Nitish Kumar से क्या कहा?

सुलतानगंज के विधायक प्रो. ललित नारायण मंडल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को एक औपचारिक आवेदन सौंपा, जिसमें मरीन ड्राइव को उसकी प्रस्तावित जगह से 40 मीटर उत्तर की ओर खिसकाने का प्रस्ताव था। विधायक ने बताया कि इस बदलाव का मुख्य लक्ष्य यह है कि परियोजना के कारण किसी भी परिवार का घर न टूटे। मुख्यमंत्री ने इस पर लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए समस्या के समाधान का भरोसा दिया। विधायक मंडल ने मुख्य सचिव Deepak Kumar और पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव Kapil Dev से भी इस विषय पर बात की थी, जहां से उन्हें सकारात्मक आश्वासन मिला।

कितने मकान प्रभावित हो रहे थे, और मुआवजा मिलेगा या नहीं?

बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (BSRDCL) के निर्देश पर एक 12 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने सर्वे किया था। इस सर्वे में यह सामने आया कि मरीन ड्राइव के मूल प्रस्तावित रास्ते पर 250 से अधिक मकान आ रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि अगर ये मकान सरकारी जमीन पर बने हैं, तो उन्हें अतिक्रमण माना जाएगा और नोटिस दिया जाएगा। वहीं, जो मकान निजी जमीन पर बने हैं, उनके मालिकों को नियमानुसार मुआवजा मिलने की संभावना है।

जानकारी विवरण
परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 9,000 करोड़ रुपये
मूल प्रस्तावित मार्ग पर प्रभावित मकान 250 से अधिक

सुलतानगंज में और कौन से विकास कार्य प्रस्तावित हैं?

मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान विधायक प्रो. ललित नारायण मंडल ने सुलतानगंज में गंगा रीवर फ्रंट की तर्ज पर ‘पक्की सीढ़ी घाट’ परियोजना का मुद्दा भी उठाया। मुख्य सचिव Deepak Kumar ने भी वित्त विभाग के मुख्य सचिव Anand Kishor से इस बारे में बात की है। जल्द ही इस परियोजना पर भी काम शुरू होने की उम्मीद है। विधायक ने कहा कि श्रावणी मेला को देखते हुए पक्की सीढ़ी घाट का निर्माण जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा, ताकि लाखों कांवरियों और श्रद्धालुओं को गंगा स्नान में सुविधा मिल सके।

इन परियोजनाओं से क्या फायदा होगा?

प्रो. ललित नारायण मंडल ने बताया कि गंगा मरीन ड्राइव और गंगा रीवर फ्रंट जैसी परियोजनाओं से सुलतानगंज का विकास होगा। इन परियोजनाओं से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। साथ ही, क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। ‘पक्की सीढ़ी घाट’ से खासकर श्रावणी मेला के दौरान आने वाले कांवरियों और श्रद्धालुओं को काफी सुविधा होगी।

Last Updated: 21 January 2026

GulfHindi Desk

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