अडानी समूह की नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC), अडानी कैपिटल, में गौतम अडानी अपनी हिस्सेदारी बेचने की सोच रहें हैं। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अडानी इस व्यवसाय से मुक्त होने की योजना बना रहे हैं।

खरीदारों में उत्साह

रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि बेन कैपिटल, कार्लाइल ग्रुप और सेर्बेरस कैपिटल मैनेजमेंट जैसे निजी इक्विटी समूहों ने अडानी कैपिटल को खरीदने में दिलचस्पी जताई है। यह सभी कंपनियां अगले कुछ हफ्तों में बाध्यकारी बोलियां लगाने के लिए तैयार हैं।

नेतृत्व और हिस्सेदारी

अडानी कैपिटल का प्रबंधन गौरव गुप्ता ने संभाला है, जो पूर्व लेहमैन ब्रदर्स और मैक्वेरी निवेश बैंकर थे। उनकी हिस्सेदारी कंपनी के कुल हिस्सेदारी का लगभग 10% है, जबकि प्रमोटरों के पास लगभग 90% हिस्सेदारी है।

आईपीओ लॉन्च की योजना

इसी साल मई में खबरें आईं कि अडानी कैपिटल फंड रजिस्ट्री की योजना बना रही है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी निजी इक्विटी निवेशकों और रणनीतिक निवेशकों से 1,500 करोड़ रुपये इकट्ठा करने का निर्णय लिया है। इससे पहले भी, अडानी कैपिटल के आईपीओ के लॉन्च होने की खबरें सामने आ चुकी थीं।

फंड जुटाने का प्रयास

हिंडनबर्ग संकट के बाद गौतम अडानी समूह ने अलग-अलग कंपनियों के माध्यम से धन संग्रह करने की योजना बनाई है। अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी ग्रीन एनर्जी और अडानी ट्रांसमिशन ने क्यूआईपी के माध्यम से फंड जुटाने की योजना बनाई है। अडानी ग्रीन ने हाल ही में स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया है कि 12,300 करोड़ रुपये तक की अधिकतम राशि इकट्ठा की जाएगी। वहीं, अडानी एंटरप्राइजेज और अडानी ट्रांसमिशन 21 हजार करोड़ रुपये इकट्ठा करने की योजना पर काम कर रही हैं।

 

Stakeholder Group Stake Percentage
Management (led by Gaurav Gupta) 10%
Promoters 90%
Potential Buyers
Ben Capital
Carlyle Group
Cerberus Capital Management
Fundraising Plans Amount (INR Crore)
Adani Capital 1,500
Adani Green Energy 12,300
Adani Enterprises and Adani Transmission (each) 21,000