अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने भारत में विमानन क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है। 27 जनवरी 2026 को कंपनी ने ब्राजील की विमान निर्माता कंपनी एम्ब्रेयर (Embraer) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य भारत में क्षेत्रीय विमानों के निर्माण और असेंबली के लिए एक कारखाना स्थापित करना है।

क्या है इस समझौते का मकसद?

इस साझेदारी के तहत भारत में एक ‘फाइनल असेंबली लाइन’ (FAL) स्थापित की जाएगी। यहाँ नागरिक विमानों का निर्माण होगा। यह भारत में निजी क्षेत्र की पहली ऐसी परियोजना होगी जहाँ कमर्शियल विमान बनाए जाएंगे। इससे ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को भी काफी मजबूती मिलेगी।

कौन से विमान बनाए जाएंगे?

इस फैक्ट्री में मुख्य रूप से रीजनल जेट्स (Regional Jets) का निर्माण होगा। इन विमानों में 70 से 146 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। एम्ब्रेयर का अनुमान है कि भारत को अगले 20 सालों में ऐसे कम से कम 500 विमानों की जरूरत पड़ेगी।

साझेदारी के मुख्य बिंदु

विवरण जानकारी
साझेदार अडानी डिफेंस और एम्ब्रेयर (ब्राजील)
हस्ताक्षर की तारीख 27 जनवरी 2026
स्थान नागरिक उड्डयन मंत्रालय, नई दिल्ली
प्रमुख अधिकारी जीत अडानी और अर्नजन मेइजर

रोजगार और विकास की संभावनाएं

इस प्रोजेक्ट में सिर्फ विमानों को जोड़ना (Assembly) ही नहीं, बल्कि पूरी सप्लाई चेन, रखरखाव (MRO) और पायलट ट्रेनिंग भी शामिल है। इससे भारत में उड्डयन क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। सरकार भी इस प्लांट से विमान खरीदने वालों को आर्थिक छूट देने पर विचार कर रही है।

आगे की योजना क्या है?

फिलहाल इस प्रोजेक्ट पर होने वाले कुल निवेश की राशि का खुलासा नहीं किया गया है। जीत अडानी के मुताबिक, अगले कुछ महीनों में फैक्ट्री की जगह और निवेश के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी। एम्ब्रेयर ने पहले ही अक्टूबर 2025 में दिल्ली में अपना दफ्तर खोलकर भारत में अपनी रुचि जाहिर कर दी थी।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.