Adani Ports को एक और जगह मिला 30 साल का लाइसेंस. सोमवार को शेयर बाज़ार में दिखेगा ज़ब्रदस्त बढ़ोतरी

GulfHindi Desk1 June 20241 min read1 viewsIndia

अडानी पोर्ट्स ने तंजानिया में अपना विस्तार किया

अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनॉमिक जोन (APSEZ) की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी, अडानी इंटरनेशनल पोर्ट्स होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड ने तंजानिया के दार-एस-सलाम बंदरगाह पर कंटेनर टर्मिनल-2 के परिचालन और प्रबंधन के लिए 30 साल के रियायती समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

दार-एस-सलाम: एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार

दार-एस-सलाम बंदरगाह को तंजानिया के प्रवेश द्वार के रूप में जाना जाता है और यह सड़क व रेलवे के एक अच्छी तरह से जुड़े नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। यह बंदरगाह अफ्रीका के विभिन्न हिस्सों के साथ व्यापार और परिवहन के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र है।

क्या है रियायती समझौता?

इस समझौते के तहत अडानी पोर्ट्स को 30 वर्षों तक कंटेनर टर्मिनल-2 का परिचालन और प्रबंधन का अधिकार मिलेगा। यह टर्मिनल तंजानिया और आस-पास के क्षेत्र के समग्र बंदरगाह व्यापार को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

अडानी की इंटरनेशनल विस्तार नीति

अडानी ग्रुप की यह नई योजना उसकी इंटरनेशनल विस्तार नीति को और मजबूत करती है। इससे ना सिर्फ कंपनी के व्यापारिक गतिशीलता में वृद्धि होगी, बल्कि तंजानिया के स्थानीय व्यापार को भी महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा।

 

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