मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर अब दुनिया के कई देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। इसे देखते हुए Asian Development Bank (ADB) ने प्रभावित देशों की मदद के लिए 4 अरब डॉलर की बड़ी रकम देने का फैसला किया है। इस कदम से कई देशों में फाइनेंस, टूरिज्म और जरूरी सामानों की सप्लाई को पटरी पर लाने में मदद मिलेगी।
मदद का पूरा ब्यौरा और उद्देश्य
ADB के प्रेसिडेंट Masato Kanda ने बताया कि बैंक उन देशों की मदद के लिए तेजी से काम कर रहा है जिन्हें मिडिल ईस्ट संघर्ष की वजह से मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस समय अनिश्चितता और जोखिम बहुत ज्यादा है, इसलिए बैंक अपने सभी संकट प्रतिक्रिया उपकरणों का उपयोग कर रहा है। इसमें बजट सहायता और ट्रेड फाइनेंस जैसी सुविधाएं शामिल हैं ताकि छोटे और बड़े सभी सदस्य देशों की अर्थव्यवस्था को बचाया जा सके।
इन देशों ने मांगी आर्थिक सहायता
अब तक कुल 15 सरकारों ने औपचारिक रूप से मदद के लिए आवेदन किया है। इनमें बांग्लादेश, फिजी, फिलीपींस और श्रीलंका जैसे देश शामिल हैं। अलग-अलग देशों की जरूरत के हिसाब से सहायता की राशि 15 मिलियन डॉलर से लेकर 1.5 बिलियन डॉलर तक है। इसके अलावा, ADB अभी 4 अन्य देशों के साथ भी बातचीत कर रहा है जिनकी अर्थव्यवस्था पर इस संघर्ष का असर पड़ा है।
तेल और भोजन की सप्लाई के लिए विशेष इंतजाम
तेल की बढ़ती कीमतों और सप्लाई चेन में आ रही रुकावटों को कम करने के लिए ADB ने अपने Trade and Supply Chain Finance Program (TSCFP) को फिर से शुरू किया है। 1 मार्च से अब तक इस प्रोग्राम के जरिए 9 देशों को तेल, गैस और खाद्य सुरक्षा के लिए करोड़ों डॉलर की मदद दी जा चुकी है, ताकि आम लोगों तक जरूरी सामान पहुँचता रहे।
वित्तीय सहायता का मुख्य डेटा
| विवरण | राशि/संख्या |
|---|---|
| कुल सहायता राशि | 4 अरब डॉलर |
| सरकारों द्वारा मांगी गई राशि | लगभग 3 अरब डॉलर |
| ऊर्जा और भोजन आयात के लिए ट्रेड फाइनेंस | 1 अरब डॉलर |
| मदद मांगने वाले कुल देश | 15 सरकारें |
| सहायता राशि की रेंज | 15 मिलियन से 1.5 बिलियन डॉलर |
| तेल और गैस आयात के लिए दी गई राशि (TSCFP) | 673 मिलियन डॉलर |
| खाद्य सुरक्षा के लिए दी गई राशि (TSCFP) | 390 मिलियन डॉलर |
| TSCFP के तहत लाभान्वित देश | 9 देश |