मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव को लेकर एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) ने एक बड़ी चेतावनी जारी की है। बैंक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगर यह संघर्ष लंबा खिंचा तो साल 2026-27 के दौरान एशिया और प्रशांत क्षेत्र की आर्थिक तरक्की में 1.3% की गिरावट आ सकती है। इसके साथ ही, इस पूरे क्षेत्र में महंगाई 3.2% तक बढ़ने का अनुमान लगाया गया है। इस स्थिति का सबसे ज्यादा असर ऊर्जा बाजार और व्यापार पर पड़ने की आशंका है।

क्या है ADB की रिपोर्ट और आम आदमी पर इसके संभावित असर?

ADB के मुख्य अर्थशास्त्री Albert Park ने कहा कि ऊर्जा सप्लाई में रुकावट आने से एशिया के देशों को विकास और महंगाई के बीच संतुलन बनाने में मुश्किल होगी। दुनिया का करीब 20% तेल और गैस का व्यापार Strait of Hormuz से होकर गुजरता है, जिसका मुख्य केंद्र एशिया ही है। अगर यहां सप्लाई प्रभावित होती है, तो तेल और गैस के दाम बढ़ेंगे। इससे सीधे तौर पर ट्रांसपोर्टेशन महंगा होगा और बाजार में सामानों की कीमतें बढ़ जाएंगी।

खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और उनके परिवारों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

इस संघर्ष का असर केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विदेशों में काम करने वाले लोगों पर भी इसका प्रभाव दिखेगा। दक्षिण एशियाई देशों, विशेषकर भारत और बांग्लादेश के लिए यह चिंता का विषय है क्योंकि खाड़ी देशों से आने वाले पैसे (Remittances) में कमी आ सकती है।

  • खाड़ी देशों में आर्थिक सुस्ती आने से वहां काम कर रहे भारतीयों की बचत पर असर पड़ सकता है।
  • सप्लाई चेन में दिक्कत आने से रोजमर्रा की जरूरी चीजों के दाम बढ़ने की संभावना है।
  • वित्तीय बाजार में सख्ती आने से कर्ज लेना और निवेश करना महंगा हो जाएगा।
  • पर्यटन के क्षेत्र में भी मंदी देखने को मिल सकती है जिससे रोजगार प्रभावित होंगे।

मुसीबत से निपटने के लिए बैंक और सरकारों ने क्या योजना बनाई है?

ADB के अध्यक्ष Masato Kanda ने देशों की मदद के लिए 24 मार्च 2026 को एक वित्तीय सहायता पैकेज का ऐलान किया है। बैंक ने कहा है कि वह देशों को तेल जैसी जरूरी चीजों के आयात के लिए बजट सहायता और व्यापार फाइनेंस उपलब्ध कराएगा। सरकारों को सलाह दी गई है कि वे ऊर्जा बचाने के लिए विशेष अभियान चलाएं और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल को बढ़ावा दें। केंद्रीय बैंकों को भी निर्देश दिया गया है कि वे महंगाई को काबू में रखने के लिए सतर्क रहें लेकिन नीतियों को बहुत ज्यादा सख्त न करें जिससे विकास पूरी तरह रुक जाए।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.