संयुक्त अरब अमीरात की प्रमुख तेल कंपनी ADNOC के CEO ने समुद्री व्यापार मार्ग को लेकर एक बेहद कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने ईरान द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते पर किसी भी तरह की पाबंदी या रुकावट डालने की बात को आर्थिक आतंकवाद करार दिया है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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हॉर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता दुनिया के लिए क्यों है अहम?

हॉर्मुज का रास्ता पूरी दुनिया के लिए सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्ग माना जाता है। यहाँ से हर दिन करोड़ों बैरल कच्चा तेल और भारी मात्रा में गैस का व्यापार होता है। अगर इस रास्ते में जरा सी भी रुकावट आती है, तो पूरी दुनिया में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। भारत जैसे देशों के लिए यह मार्ग बहुत जरूरी है क्योंकि हमारी तेल की आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर हमारे बंदरगाहों तक पहुँचता है।

इस बयान का आम जनता और प्रवासियों पर क्या होगा असर?

  • अगर हॉर्मुज के रास्ते में तनाव बढ़ता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के दाम बढ़ेंगे।
  • तेल महंगा होने से पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में उछाल आ सकता है।
  • खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि वहां की अर्थव्यवस्था तेल पर निर्भर है।
  • किसी भी तरह की पाबंदी से शिपिंग कंपनियों और समुद्री व्यापार से जुड़े लोगों के काम पर असर पड़ सकता है।
  • ADNOC CEO के इस बयान ने साफ़ कर दिया है कि खाड़ी देश इस रास्ते की सुरक्षा को लेकर कितने गंभीर हैं।