Strait of Hormuz में ADNOC के जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन हमला, 15 जहाज निशाने पर, 21 क्रू सदस्य हताहत

हार्मूज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास से गुजरने वाले ADNOC के जहाजों पर लगातार हमले हो रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। अबू धाबी की सरकारी तेल कंपनी ADNOC ने खुद इस बात की जानकारी दी है कि उनके बेड़े और कर्मियों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। इन हमलों के कारण कंपनी के काम में बाधा आ रही है, लेकिन वे फिर भी अपने ग्राहकों की जरूरतें पूरी करने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं।
हमलों का ब्यौरा और बढ़ता खतरा
7 अगस्त 2026 को जारी किए गए आधिकारिक बयान में यह बताया गया है कि संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक 15 ADNOC जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए गए हैं। स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले एक हफ्ते के दौरान ही 3 बार इन जहाजों को अपना निशाना बनाया गया है। इन लगातार हो रही घटनाओं में एक क्रू सदस्य की मौत हो गई है और 20 अन्य घायल हुए हैं, जो किसी भी कंपनी के लिए बहुत बड़ा झटका है।
सुरक्षा को लेकर ADNOC की क्या है तैयारी
कंपनी के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वे स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। उनका मुख्य लक्ष्य अपने लोगों, कंपनी की संपत्ति और ऑपरेशन को सुरक्षित रखना है। कंपनी ने जोर देकर कहा है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर नेविगेशन की आजादी बनी रहनी चाहिए। यह सुरक्षित और बिना किसी बाधा के समुद्री व्यापार के लिए बहुत जरूरी है ताकि दुनिया भर में तेल और अन्य जरूरी सामान की सप्लाई जारी रहे।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि WAM (Emirates News Agency) की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, ADNOC ऐसी विषम परिस्थितियों के बावजूद अपनी जिम्मेदारी को समझ रहा है। यह हमला सिर्फ कंपनी की संपत्ति पर नहीं है, बल्कि यह उन हजारों भारतीयों और अन्य प्रवासियों के जीवन पर भी खतरा है जो इन जहाजों पर काम करते हैं। समुद्र में सुरक्षा को लेकर अब सख्त कदम उठाए जा रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा घटनाओं को रोका जा सके।
यह स्थिति खाड़ी देशों में काम करने वाले उन लोगों के लिए चिंता का विषय है जिनका रोजगार समुद्री परिवहन और रसद (logistics) से जुड़ा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी अब इस रास्ते की सुरक्षा को लेकर गंभीर हो गया है, क्योंकि किसी भी बड़े हमले से न केवल तेल की सप्लाई रुक सकती है, बल्कि आम लोगों की जान भी जोखिम में पड़ सकती है।