अफ़गानिस्तान के कई प्रांतों में कुदरत का कहर देखने को मिल रहा है, जहां पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश और बाढ़ ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 61 हो गई है, जबकि 116 लोग गंभीर रूप से घायल हैं. राहत और बचाव टीमें अभी भी लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं और आने वाले दिनों में मौसम और भी बिगड़ने की आशंका जताई गई है.

बाढ़ से हुए नुकसान का पूरा ब्योरा क्या है?

अफ़गानिस्तान रेड क्रीसेंट सोसाइटी (ARCS) और आपदा प्रबंधन विभाग ने नुकसान के आंकड़े जारी किए हैं. इस तबाही ने न सिर्फ लोगों की जान ली है बल्कि खेती और पशुपालन को भी भारी नुकसान पहुंचाया है. ग्रामीणों के लिए यह समय बहुत मुश्किल भरा है क्योंकि उनकी आजीविका के साधन छिन गए हैं.

नुकसान का प्रकार कुल संख्या / माप
मरने वालों की संख्या 61
घायल हुए लोग 116
लापता लोग 4
पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घर 2,448
नष्ट हुई कृषि भूमि (जेरिब में) 26,841
मारे गए पशु (Livestock) 1,000 से अधिक

अफ़गानिस्तान सरकार और UAE का इस पर क्या बयान आया है?

सरकारी प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने बताया कि भारी बारिश के कारण कई प्रांतों में सड़कें और हाईवे बंद हो गए हैं, जिससे मदद पहुँचाने में दिक्कत आ रही है. अफ़गानिस्तान में 25 मार्च से ही बारिश का सिलसिला शुरू हुआ था जो अब एक बड़े संकट में बदल गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और पुराने निर्माण कार्यों की वजह से ऐसी आपदाओं का असर अब और ज़्यादा भयावह होने लगा है.

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के विदेश मंत्रालय ने भी इस घटना पर गहरा दुख प्रकट किया है. UAE सरकार ने 2 अप्रैल को एक आधिकारिक बयान जारी कर पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं भेजीं और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की. UAE ने हमेशा की तरह मुश्किल समय में अफ़गानिस्तान के लोगों के साथ खड़े रहने की बात कही है. स्थानीय लोग अब सरकार से सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतज़ाम और बांध बनाने की अपील कर रहे हैं ताकि भविष्य में होने वाली ऐसी तबाही को रोका जा सके.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.