अफगानिस्तान में जमीन और प्राकृतिक संसाधनों के लिए खूनी संघर्ष, खोस्त और पक्तिया सीमा पर चौथे दिन भी भारी हथियारों से गोलाबारी जारी.

Aanya9 August 20263 min read65 viewsWorld
अफगानिस्तान में जमीन और प्राकृतिक संसाधनों के लिए खूनी संघर्ष, खोस्त और पक्तिया सीमा पर चौथे दिन भी भारी हथियारों से गोलाबारी जारी.

अफगानिस्तान के दक्षिण-पूर्वी इलाकों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ जमीन के टुकड़े और कीमती पेड़ों पर अधिकार को लेकर दो बड़े कबीलों के बीच खूनखराबा शुरू हो गया है। खोस्त और पक्तिया की सीमा पर स्थित एक पहाड़ी इलाके के कब्जे को लेकर दो जनजातियां आमने-सामने आ गई हैं और यह लड़ाई लगातार चौथे दिन भी पूरी ताकत के साथ जारी है। इस हिंसक झड़प में दोनों तरफ से आधुनिक हथियारों के साथ-साथ भारी हथियारों का भी खुलकर इस्तेमाल किया जा रहा है जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है और लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर हो गए हैं।

कीमती चिलगोजा के पेड़ों और जमीन को लेकर है पुराना विवाद

मिली जानकारी के मुताबिक यह खूनी संघर्ष खोस्त के स्पीरा जिले की बोरी खैल जनजाति और पक्तिका के गियान जिले की गियान खैल जनजाति के बीच हो रहा है। विवादित पहाड़ी क्षेत्र पूरी तरह से घने जंगलों से घिरा हुआ है जहाँ बहुत बड़ी संख्या में मूल्यवान चिलगोजा यानी पाइन नट के पेड़ मौजूद हैं। स्थानीय लोगों का ऐसा कहना है कि इन प्राकृतिक संसाधनों और जमीन के असली मालिक बनने को लेकर दोनों समुदायों के बीच पिछले कई दशकों से रंजिश चली आ रही है जो समय-समय पर बड़े विवाद का रूप ले लेती है।

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क्षेत्र के एक स्थानीय निवासी शाह मीर खान ने बताया कि इसी खास पहाड़ी इलाके को लेकर पहले भी कई बार खतरनाक हिंसक झड़पें हो चुकी हैं जिनमें दोनों पक्षों के कई लोग हताहत हुए हैं। उनका यह भी दावा है कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान इस जमीन विवाद से जुड़े संघर्षों में लगभग 80 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं या फिर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हालांकि स्थानीय लोगों द्वारा बताए गए इन आंकड़ों की किसी भी स्वतंत्र और आधिकारिक माध्यम से पुष्टि नहीं की जा सकी है, लेकिन इससे इलाके की गंभीरता का अंदाजा साफ लगाया जा सकता है।

वीडियो में दिखा हथियारों का खुला इस्तेमाल

तालिबान समर्थक मीडिया संस्थान रेडियो हुर्रियत ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि यह आपसी संघर्ष अब अपने चौथे दिन में प्रवेश कर चुका है और हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। इस मीडिया संस्थान ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो भी शेयर किया है जिसमें एक व्यक्ति विरोधी कबीले की तरफ मोर्टार दागता हुआ साफ दिखाई दे रहा है। हालांकि इस वायरल वीडियो की भी किसी स्वतंत्र एजेंसी द्वारा सत्यता की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन वीडियो से साफ पता चलता है कि दोनों पक्षों के बीच कितनी खतरनाक और सैन्य स्तर की लड़ाई चल रही है।

तालिबान प्रशासन ने संभाला मोर्चा

बढ़ते तनाव और लगातार चल रही गोलीबारी को रोकने के लिए आखिरकार तालिबान प्रशासन को बीच में आना पड़ा है। स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लाने और दोनों लड़ रही जातियों के लड़ाकों को एक-दूसरे से अलग करने के लिए तालिबान सरकार ने अपने सुरक्षा बलों को तुरंत विवादित पहाड़ी क्षेत्र में तैनात कर दिया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य किसी तरह से इस खूनी संघर्ष को रोकना और इलाके में शांति व्यवस्था बहाल करना है ताकि और अधिक जानमाल का नुकसान होने से बचाया जा सके।

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