अफगानिस्तान में जमीन विवाद ने पकड़ा हिंसक रूप, दो गुटों के बीच चार दिन से जारी है खूनी जंग

अफगानिस्तान के खोस्त और पक्तिया प्रांत की सीमा पर एक पहाड़ी इलाके के मालिकाना हक को लेकर दो जनजातियों के बीच खूनी संघर्ष छिड़ गया है। यह विवाद सोमवार को चौथे दिन में भी जारी रहा, जिससे सीमावर्ती इलाकों में दहशत का माहौल है। इस लड़ाई में बोरी खैल और गियान खैल जनजातियां शामिल हैं, जो भारी और हल्के हथियारों के जरिए एक-दूसरे का सामना कर रही हैं।
विवाद का कारण और पुराना इतिहास
विवादित पहाड़ी इलाका घने जंगलों से घिरा हुआ है और यहां कीमती चिलगोजा (पाइन नट) के पेड़ों की भरमार है। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, प्राकृतिक संसाधनों और जमीन पर कब्जे को लेकर इन दोनों समुदायों के बीच कई दशकों से विवाद चल रहा है। स्थानीय निवासी शाह मीर खान के अनुसार, इस पुरानी रंजिश में पिछले कुछ वर्षों के दौरान लगभग 80 लोगों की जान जा चुकी है या वे घायल हुए हैं।
तालिबान प्रशासन की कार्रवाई
हालात की गंभीरता को देखते हुए तालिबान प्रशासन ने विवादित क्षेत्र में अपने सुरक्षा बलों को तैनात किया है ताकि दोनों पक्षों को शांत कराया जा सके। तालिबान समर्थक मीडिया संस्थान रेडियो हुर्रियत ने इस संघर्ष का एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें मोर्टार का इस्तेमाल करते हुए देखा जा सकता है। फिलहाल प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश में जुटा है।