अफगानिस्तान: जमीन और चिलगोजा के पेड़ों के लिए दो जनजातियों में खूनी जंग, लगातार चौथे दिन भी जारी गोलीबारी

Praggya Singh sabal6 August 20262 min read78 viewsWorld
अफगानिस्तान: जमीन और चिलगोजा के पेड़ों के लिए दो जनजातियों में खूनी जंग, लगातार चौथे दिन भी जारी गोलीबारी

अफगानिस्तान के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित खोस्त और पक्तिया प्रांतों की सीमा पर तनाव का माहौल बना हुआ है। यहाँ एक विवादित पहाड़ी इलाके के मालिकाना हक को लेकर दो स्थानीय जनजातियों के बीच खूनी संघर्ष छिड़ गया है, जो अब चौथे दिन भी जारी है। इस हिंसक झड़प की वजह से न केवल स्थानीय लोग डरे हुए हैं, बल्कि दोनों पक्षों के बीच चल रही गोलीबारी से पूरा इलाका बारूद के ढेर पर बैठा हुआ महसूस हो रहा है।

विवाद का मुख्य कारण और जनजातियों का झगड़ा

यह पूरा मामला खोस्त के स्पीरा जिले की बोरी खैल जनजाति और पक्तिका के गियान जिले की गियान खैल जनजाति के बीच चल रहा है। जिस जमीन को लेकर यह संघर्ष हो रहा है, वह घने जंगलों से घिरी हुई एक पहाड़ी है। इस पहाड़ी क्षेत्र में चिलगोजा यानी पाइन नट के पेड़ों की भरमार है, जो आर्थिक रूप से बहुत कीमती माने जाते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, इन प्राकृतिक संसाधनों और जमीन पर कब्जे को लेकर दोनों समुदायों के बीच कई दशकों से विवाद चल रहा है।

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लगातार हिंसा और बढ़ते खतरे

स्थानीय निवासी शाह मीर खान के मुताबिक, इस पहाड़ी क्षेत्र के लिए पहले भी कई बार खूनी झड़पें हो चुकी हैं। उनके दावों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में इस विवाद की वजह से करीब 80 लोगों की जान जा चुकी है या वे गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हालांकि, इन आंकड़ों की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। मौजूदा स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि तालिबान समर्थक मीडिया संस्थान रेडियो हुर्रियत ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें एक व्यक्ति विरोधी पक्ष पर मोर्टार दागते हुए दिखाई दे रहा है। इस संघर्ष में हल्के हथियारों के साथ भारी हथियारों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।

प्रशासन की कार्रवाई

हिंसा को रोकने के लिए तालिबान प्रशासन हरकत में आया है। स्थिति को नियंत्रित करने और दोनों गुटों को एक-दूसरे से अलग करने के लिए तालिबान प्रशासन ने अपने सुरक्षा बलों को उस विवादित क्षेत्र में तैनात किया है। प्रशासन की कोशिश है कि किसी तरह इन जनजातियों के बीच चल रही गोलाबारी को रोका जाए और शांति बहाल की जाए। फिलहाल, क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है ताकि इस आपसी लड़ाई से और अधिक नुकसान न हो।

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