भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और फैंटेसी स्पोर्ट्स कंपनी Dream11 का साथ अब आधिकारिक रूप से खत्म हो गया है। यह फैसला तब आया जब संसद ने हाल ही में Promotion and Regulation of Online Gaming Bill, 2025 पारित किया। BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने पुष्टि करते हुए कहा कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड भविष्य में ऐसी किसी भी संस्था से कोई समझौता नहीं करेगा।

सैकिया ने कहा, “BCCI और Dream11 का रिश्ता नए कानून के बाद समाप्त हो रहा है। बोर्ड यह सुनिश्चित करेगा कि आगे चलकर किसी भी ऐसी संस्था से कोई संबंध न रखा जाए।”

Dream11 और BCCI की डील

PTI की रिपोर्ट के अनुसार, Dream11 और My11Circle मिलकर भारतीय क्रिकेट को लगभग 1,000 करोड़ रुपये का योगदान देते हैं। Dream11 का 2023 से 2026 तक का 44 मिलियन डॉलर (358 करोड़ रुपये) का करार टीम इंडिया के टाइटल स्पॉन्सरशिप के लिए था। इसके अलावा, इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी यह कंपनी अहम प्रायोजक रही है।

नया कानून और असर

नए कानून में साफ लिखा है कि कोई भी व्यक्ति “ऑनलाइन मनी गेमिंग सर्विस” की पेशकश नहीं कर सकता, न ही ऐसी किसी गतिविधि में सहयोग, प्रचार या प्रोत्साहन कर सकता है। यह प्रावधान सीधे तौर पर Dream11 जैसी कंपनियों की मुख्य आय को प्रभावित करता है।

Dream11 ने कानून लागू होने के बाद एक बयान जारी कर कहा, “हम हमेशा कानून का पालन करने वाली कंपनी रहे हैं। भले ही हमें लगता है कि प्रगतिशील कानून भविष्य के लिए बेहतर होते, लेकिन हम सरकार के इस कानून का पूरी तरह पालन करेंगे।”

खिलाड़ियों की कमाई पर असर

BCCI-Dream11 का करार टूटने के साथ ही यह आशंका जताई जा रही है कि अब व्यक्तिगत भारतीय क्रिकेटरों के ऐसे ऐप्स के साथ होने वाले एंडोर्समेंट कॉन्ट्रैक्ट्स पर भी असर पड़ेगा। इससे खिलाड़ियों की विज्ञापन आय में कमी आ सकती है।