Agra News: ताजमहल में तिरंगा फहराने की कोशिश नाकाम, सीआईएसएफ ने तीन हिंदू नेताओं को लिया हिरासत में.

उत्तर प्रदेश के जनपद आगरा में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक बड़ी घटना सामने आई है जहाँ विश्व प्रसिद्ध स्मारक ताजमहल के अंदर कपड़े में छुपा कर राष्ट्रीय ध्वज ले जाने और उसे फहराने का प्रयास करने वाले तीन हिंदू नेताओं को सुरक्षा बलों ने पकड़ लिया है। इस घटना के बाद से सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है और पुलिस पकड़े गए लोगों से लगातार पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस योजना में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
कैसे दिया गया घटना को अंजाम
अखिल भारतीय हिंदू महासभा से जुड़े कुछ पदाधिकारी और कार्यकर्ता पूर्व निर्धारित योजना के तहत सामान्य वेशभूषा में ताजमहल देखने पहुंचे थे। इन लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज यानी तिरंगे को अपने कपड़ों के अंदर बड़ी चालाकी से छुपा रखा था ताकि सुरक्षा जांच के दौरान किसी को शक न हो। ये सभी लोग छद्म रूप से परिसर के अंदर दाखिल हुए और सीधे मेहमान खाना के नजदीक पहुंच गए। शनिवार को सुबह करीब 10 बजे इन लोगों ने ताजमहल के अंदर तिरंगा फहराने की अपनी योजना पर काम करना शुरू कर दिया और झंडा निकालने का प्रयास करने लगे।
सीआईएसएफ की मुस्तैदी से नाकाम हुई कोशिश
ताजमहल की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी CISF के जवान पहले से ही पूरी तरह से सतर्क थे क्योंकि स्वतंत्रता दिवस के दिन किसी भी तरह की अनहोनी या प्रतिबंधित गतिविधि को रोकने के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए थे। ड्यूटी पर तैनात सीआईएसएफ कर्मियों ने तुरंत हरकत में आते हुए मौके पर ही तीनों कार्यकर्ताओं को तिरंगे के साथ दबोच लिया। सीआईएसएफ कमांडेंट वैभव पांडे ने इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि ताजमहल परिसर के अंदर किसी भी तरह की धार्मिक गतिविधियों या इस प्रकार के आयोजनों पर पूरी तरह से रोक है। सुरक्षा जांच के दौरान ही सतर्कता बरतते हुए इन नेताओं को मुख्य स्थल पर बड़ा कदम उठाने से पहले ही रोक लिया गया था।
पकड़े गए नेताओं की हुई पहचान
मौके पर पकड़े गए लोगों से जब कड़ाई से पूछताछ की गई तब उनकी असली पहचान सामने आई। हिरासत में ली गई महिलाओं में अखिल भारतीय हिंदू महासभा की महिला विंग की जिलाध्यक्ष नीतू ठाकुर और महानगर अध्यक्ष निशा ठाकुर शामिल हैं। इसके अलावा पुरुष कार्यकर्ताओं में महानगर अध्यक्ष मनीष पंडित का नाम भी मुख्य रूप से सामने आया है। सीआईएसएफ ने सुरक्षा औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद इन तीनों पदाधिकारियों को स्थानीय ताजगंज पुलिस के सुपुर्द कर दिया, जहां पुलिस थाने में उनसे गहन पूछताछ की जा रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पहले भी हो चुका है ऐसा प्रयास
गौरतलब है कि इस संगठन के द्वारा ताजमहल में तिरंगा फहराने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय हिंदू महासभा के पदाधिकारियों ने ताजमहल परिसर के अंदर तिरंगा फहराने और राष्ट्रगान गाने का दावा किया था। संगठन का यह भी कहना था कि वर्ष 1632 में ताजमहल के निर्माण के बाद यह पहला मौका था जब मुख्य मकबरे के पास तिरंगा फहराया गया था। आज के इस ताजा घटनाक्रम से पहले ही संगठन की जिला अध्यक्ष मीरा राठौर, प्रदेश प्रवक्ता अवतार सिंह गिल और महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष मीना दिवाकर ने सार्वजनिक रूप से ताजमहल में तिरंगा फहराने की घोषणा कर दी थी जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही अत्यधिक सतर्क मुद्रा में थीं।
हिंदू महासभा की चेतावनी
इस पूरी कार्रवाई और अपनी गिरफ्तारी के बाद अखिल भारत हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने स्पष्ट रूप से यह ऐलान कर दिया है कि ताजमहल पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की उनकी यह कोशिश आगे भी लगातार जारी रहेगी। महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष मीरा राठौर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वे लोग अपने उद्देश्य को पूरा करने के लिए भविष्य में भी इस प्रकार के प्रयास करते रहेंगे। फिलहाल पुलिस प्रशासन और सुरक्षा बल इस बात की जांच कर रहे हैं कि इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को भेदकर ये लोग झंडा अंदर ले जाने में कैसे कामयाब हुए और इनके साथ इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे।