ईरान के अहवाज़ शहर में 15 जुलाई 2026 को हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए जब अमेरिकी मिसाइल हमलों के बाद एक बच्चों के अस्पताल को आनन-फानन में खाली कराना पड़ा। शाहिद बकाई अस्पताल को एहतियात के तौर पर खाली किया गया, क्योंकि शहर में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। यह घटनाक्रम वाशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ते तनाव को दिखाता है।
हमलों में नुकसान और सरकारी बयान
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि उन्होंने ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया है जो हार्मोज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों के लिए खतरा पैदा कर रही थीं। ईरान के सरकारी मीडिया और स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता होसैन केरमानपोर के अनुसार, रात भर चले इन हमलों में 260 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। वहीं, सरकार की प्रवक्ता फतेमेह मोहजिरानी ने बताया कि बीते कुछ दिनों में अमेरिकी हमलों में 30 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर हो रही ये सैन्य कार्रवाई मुख्य रूप से इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर केंद्रित है। इराक सीमा के पास स्थित अहवाज़ शहर को अमेरिकी सेना ने कई बार निशाना बनाया है। इस स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरानी सेना ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का करारा और निर्णायक जवाब देने की कसम खाई है।
