Air India के उस भयानक हादसे को लगभग एक साल होने वाला है जिसमें 260 लोगों की जान गई थी। अब Indian pilots की संस्था Federation of Indian Pilots (FIP) ने एक बार फिर सरकार से इस मामले की गहराई से जांच करने की मांग की है। पायलटों का कहना है कि विमान हादसे के पीछे कोई बड़ी तकनीकी खराबी थी और इसे पायलट की गलती बताना गलत है।
पायलटों ने क्या दावा किया और क्या है तकनीकी वजह?
FIP ने 1 मई 2026 को भारतीय विमानन मंत्रालय को एक पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने एक technical note देते हुए बताया कि Boeing 787-8 Dreamliner में बिजली की खराबी (electrical failure) की वजह से इंजन का ईंधन अचानक बंद हो गया होगा। पायलटों के मुताबिक, टेक-ऑफ से पहले बिजली के सिस्टम में गड़बड़ी हुई होगी जिससे इंजन बंद हो गए और इसमें पायलट का कोई हाथ नहीं था।
- आधार: यह दावा Boeing के तकनीकी मैनुअल और 2013 में हुई बैटरी आग की घटनाओं की रिपोर्ट पर आधारित है।
- नियम: FIP का कहना है कि ICAO के नियमों के अनुसार, जब तक हर तकनीकी कारण की जांच नहीं हो जाती, तब तक नतीजे पर नहीं पहुंचना चाहिए।
- पुरानी कार्रवाई: जुलाई 2025 में FIP ने Reuters और Wall Street Journal जैसी संस्थाओं को कानूनी नोटिस भी भेजे थे क्योंकि उन्होंने पायलट की गलती की खबरें छापी थीं।
जांच के लिए क्या मांग की गई है और रिपोर्ट कब आएगी?
पायलटों की संस्था ने सरकार से अपील की है कि उनके द्वारा बताए गए तकनीकी कारण की जांच किसी बड़े संस्थान से कराई जाए। उन्होंने इसके लिए IIT Bombay, Aeronautical Development Agency या Hindustan Aeronautics Limited (HAL) जैसे संस्थानों का नाम सुझाया है।
विमान हादसे की जांच Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) कर रहा है। AAIB ने जुलाई 2025 में अपनी शुरुआती रिपोर्ट दी थी जिसमें कहा गया था कि टक्कर से ठीक पहले ईंधन की सप्लाई बंद हो गई थी, लेकिन यह क्यों हुआ, यह साफ नहीं था। अब इस पूरे हादसे की फाइनल रिपोर्ट जून 2026 तक आने की उम्मीद है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Air India का यह हादसा कब और कहाँ हुआ था?
यह हादसा 12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुआ था, जिसमें 260 लोगों की जान चली गई थी।
पायलटों की संस्था FIP की मुख्य मांग क्या है?
FIP चाहता है कि हादसे की दोबारा जांच हो और बिजली की खराबी वाले दावे को IIT Bombay जैसे संस्थानों से टेस्ट कराया जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।