Air India Flight AI2379: एयर इंडिया की फ्लाइट में बड़ा सुरक्षा लैप्स, पायलट की सीट खाली मिलने पर सरकार सख्त.

भारतीय सरकार ने एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 की घटना के बाद कड़ा रुख अपनाते हुए एयरलाइन को यात्रियों की सुरक्षा के प्रति पूरी जिम्मेदारी लेने और संचालन में सख्ती बरतने का निर्देश दिया है। फुकेट से दिल्ली आ रही इस उड़ान के दौरान हुई गंभीर घटना को लेकर नागर विमानन सचिव Samir Sinha ने एयर इंडिया के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की और साफ कहा कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए नागर विमानन महानिदेशालय यानी DGCA ने इसे गंभीर श्रेणी का मामला माना है और इसकी पूरी जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो AAIB को सौंप दी है, जो फिलहाल फ्लाइट और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर के डेटा की गहनता से जांच कर रही है।
फ्लाइट के दौरान कॉकपिट में क्या हुआ था
जांच में सामने आए अंदरूनी तथ्यों के अनुसार ऑटोपायलट डिस्कनेक्ट होने से ठीक तीन मिनट पहले के समय में विमान में कम से कम 11 सिस्टम अलर्ट दर्ज किए गए थे, जिसमें लो हाइड्रोलिक प्रेशर की तीन चेतावनियां भी शामिल थीं। रिपोर्ट के मुताबिक जब ये सभी अलर्ट बज रहे थे, उस समय कप्तान अपनी सीट पर मौजूद नहीं थे बल्कि वे एयर-कंडीशनिंग सिस्टम को लेकर फर्स्ट ऑफिसर के पीछे खड़े होकर बात कर रहे थे। इस गंभीर सुरक्षा चूक के बाद दोनों पायलटों को फ्लाइट रोस्टर से तुरंत हटा दिया गया है, क्योंकि पायलट-इन-कमांड एक फॉलो-अप डोप टेस्ट में मारिजुआना के पॉजिटिव पाए गए थे।
ड्रग टेस्टिंग के नियमों में होगा बदलाव
इस पूरी घटना के सामने आने के बाद नागर विमानन मंत्रालय ने DGCA को यह आदेश दिया है कि वह अपने मौजूदा ड्रग टेस्टिंग प्रोटोकॉल की फिर से समीक्षा करे। मंत्रालय का मानना है कि विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के मामलों में विदेशी हवाई अड्डों पर टेस्टिंग की बुनियादी सुविधाएं अभी काफी सीमित हैं, जिन्हें बेहतर बनाने की आवश्यकता है। सरकार का यह कदम देश और विदेश आने-जाने वाले सभी यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा और जरूरी कदम माना जा रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न दोहराई जा सके।