एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस से सफर करने वाले यात्रियों की जेब पर अब अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है। एयरलाइन ने पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की बढ़ती कीमतों को देखते हुए नया फ्यूल सरचार्ज लगाने का ऐलान किया है। यह नया चार्ज 12 मार्च 2026 से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों रूटों पर लागू किया जाएगा। यह बढ़ोतरी तीन अलग-अलग चरणों में की जाएगी जिससे गल्फ समेत कई देशों में सफर करने वाले प्रवासियों और आम लोगों पर सीधा असर पड़ेगा।
किस रूट पर कितना लगेगा अतिरिक्त चार्ज
बुकिंग की तारीख और रूट के हिसाब से इस सरचार्ज को बांटा गया है। पहला चरण 12 मार्च 2026 से शुरू होगा और दूसरा चरण 18 मार्च 2026 से लागू होगा। तीसरे चरण में हांगकांग, जापान और दक्षिण कोरिया के लिए चार्ज की घोषणा आने वाले दिनों में की जाएगी। नीचे दी गई टेबल में नए चार्ज की जानकारी दी गई है।
| रूट / क्षेत्र | नया सरचार्ज (कीमत) | कब से लागू |
|---|---|---|
| घरेलू (भारत) और SAARC | ₹399 (नया चार्ज) | 12 मार्च 2026 |
| गल्फ (मिडिल ईस्ट) | $10 (नया चार्ज) | 12 मार्च 2026 |
| साउथईस्ट एशिया | $60 ($20 बढ़ाया गया) | 12 मार्च 2026 |
| अफ्रीका | $90 ($30 बढ़ाया गया) | 12 मार्च 2026 |
| यूरोप | $125 ($25 बढ़ाया गया) | 18 मार्च 2026 |
| नॉर्थ अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया | $200 ($50 बढ़ाया गया) | 18 मार्च 2026 |
इसके अलावा, सिंगापुर की उड़ानों पर भी पहली बार सरचार्ज लगाया जाएगा।
पुराने टिकट वालों पर क्या होगा असर
अगर आपने नए नियम लागू होने की तारीख से पहले ही अपना टिकट बुक कर लिया है तो आपको अतिरिक्त पैसे देने की जरूरत नहीं है। एयर इंडिया ने साफ किया है कि पुराने बुक किए गए टिकटों पर यह नया सरचार्ज नहीं लगेगा। हालांकि अगर यात्री अपने सफर की तारीख या टिकट में कोई बदलाव करते हैं तो उन्हें नया चार्ज देना होगा। नागरिक उड्डयन मंत्रालय भी इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि संकट के समय में भी हवाई किराया आम लोगों की पहुंच में रहे।
सरचार्ज लगाने की मुख्य वजह क्या है
एयरलाइन के संचालन खर्च का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ जेट फ्यूल पर खर्च होता है। पश्चिम एशिया में तनाव के कारण ईंधन काफी महंगा हो गया है। दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में फ्यूल पर लगने वाले ज्यादा टैक्स ने इस आर्थिक दबाव को और बढ़ा दिया है। एयरलाइन के अधिकारियों ने बताया कि अगर यह सरचार्ज नहीं लगाया जाता तो कई उड़ानों को चलाना मुश्किल हो जाता और उन्हें रद्द करना पड़ सकता था। इन सबके बीच एयर इंडिया ने मिडिल ईस्ट के प्रभावित यात्रियों की सुविधा के लिए 10 से 18 मार्च के बीच 78 अतिरिक्त उड़ानें भी संचालित की हैं।
