बाली में एयर इंडिया के एक पायलट की अचानक मौत से हड़कंप मच गया है। दिल्ली से बाली की उड़ान भरने के बाद जब पायलट आराम कर रहे थे, तब उन्हें दिल का दौरा पड़ा। करीब 40 साल के इस फर्स्ट ऑफिसर को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

👉: UN चीफ और ओमान विदेश मंत्री की बड़ी मीटिंग, गाजा और लेबनान के हालात पर हुई चर्चा, शांति के लिए मांगा गया समर्थन

बाली में कैसे हुई यह दुखद घटना?

एयर इंडिया के प्रवक्ता ने जानकारी दी कि पायलट मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 को दिल्ली से बाली पहुंचे थे। बुधवार, 29 अप्रैल को जब वह अपने होटल में क्रू रेस्ट के दौरान आराम कर रहे थे, तब उन्होंने अचानक शरीर में तेज तकलीफ महसूस की। उन्हें तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच के बाद पता चला कि उन्हें हार्ट अटैक आया था।

पायलट की मेडिकल रिपोर्ट और DGCA के नियम

जानकारी के अनुसार, पायलट के पास वैध Class I मेडिकल सर्टिफिकेट था और उन्होंने कुछ महीने पहले ही अपनी सभी जरूरी जांचें पूरी की थीं। उनकी कोई पुरानी बीमारी नहीं थी और वह DGCA द्वारा तय किए गए फ्लाइंग ऑवर्स की सीमा के अंदर ही उड़ान भर रहे थे। नियम के मुताबिक, 40 साल से कम उम्र के पायलटों के लिए यह सर्टिफिकेट एक साल और 40 से ऊपर वालों के लिए छह महीने के लिए मान्य होता है।

एयरलाइन का बयान और विशेषज्ञों की राय

एयर इंडिया ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है और कहा है कि कंपनी पायलट के परिवार के संपर्क में है और उन्हें हर संभव सहायता दे रही है। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटना हाई-स्ट्रेस प्रोफेशन में छिपे हुए cardiac risks की ओर इशारा करती है, जिसके लिए और बेहतर स्क्रीनिंग की जरूरत है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

एयर इंडिया पायलट की मौत कब और कहां हुई?

एयर इंडिया के फर्स्ट ऑफिसर की मौत बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को बाली, इंडोनेशिया में हुई, जब वह होटल में आराम कर रहे थे।

क्या पायलट की सेहत में कोई समस्या थी?

नहीं, पायलट के पास वैध Class I मेडिकल सर्टिफिकेट था और उनकी कोई पुरानी बीमारी नहीं थी। वह DGCA के सभी नियमों और फ्लाइंग ऑवर्स की सीमा का पालन कर रहे थे।