विमानों के लिए आ रहे हैं बड़े एयरबैग, दुर्घटना के समय बचेंगी जान, दुबई के इंजीनियरों ने दिया सुझाव
हवाई जहाज के हादसों में जान बचाने के लिए अब एक नया तरीका सोचा गया है. दुबई के दो इंजीनियरों ने विमान के बाहर बड़े एयरबैग लगाने का सुझाव दिया है. इस सिस्टम का मकसद दुर्घटना के समय लगने वाले झटके को कम करना और ज्यादा से ज्यादा यात्रियों की जान बचाना है.
प्रोजेक्ट REBIRTH क्या है और यह कैसे काम करेगा?
इस नए सिस्टम का नाम प्रोजेक्ट REBIRTH रखा गया है. इसे BITS Pilani के दुबई कैंपस के दो इंजीनियर एशेल वासिम और धर्शन श्रीनिवासन ने तैयार किया है. यह एक AI आधारित सिस्टम है जो विमान की ऊंचाई, रफ्तार और इंजन की हालत पर नजर रखेगा. अगर विमान 3,000 फीट से नीचे होगा और क्रैश होना तय होगा, तो सिर्फ दो सेकंड के अंदर विमान के अगले हिस्से, पेट और पिछले हिस्से से बड़े एयरबैग खुल जाएंगे.
किन चीजों से बनेंगे एयरबैग और क्या होंगे फायदे?
- ये एयरबैग केवलर, TPU और जाइलोन जैसे मजबूत मटेरियल से बनाए जाएंगे.
- कंप्यूटर टेस्ट के मुताबिक, यह सिस्टम हादसे के समय लगने वाले झटके को 60 प्रतिशत तक कम कर सकता है.
- विमान की रफ्तार कम करने के लिए इसमें रिवर्स थ्रस्ट और गैस थ्रस्टर्स का इस्तेमाल होगा.
- बचाव दल की मदद के लिए एयरबैग का रंग नारंगी होगा और इसमें GPS और फ्लैशिंग लाइट लगी होंगी.
क्या हैं इस सिस्टम को लेकर चुनौतियां?
विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि यह विचार अच्छा है, लेकिन इसमें कुछ दिक्कतें भी हैं. सबसे बड़ी चिंता एयरबैग सिस्टम के वजन को लेकर है, जिससे विमान के ईंधन और परफॉरमेंस पर असर पड़ सकता है. साथ ही, AI सिस्टम द्वारा गलती से एयरबैग खोल देने का खतरा भी बना रहता है. अभी तक FAA जैसी किसी बड़ी संस्था ने इस सिस्टम को मंजूरी नहीं दी है और यह शुरुआती टेस्टिंग के दौर में है.